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हरियाणा से दिल्ली आ रहे किसानों पर दागे गए आंसू गैस के गोले, नोएडा में भी पुलिस ने रोका

कृषि विधेयकों को संसद से मंजूरी मिल चुकी है, मगर इन बिलों के खिलाफ प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है. सड़कों पर किसान जमकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और लगातार विधेयकों को वापस लेने की मांग की जा रही है.

News Nation Bureau | Edited By : Dalchand Kumar | Updated on: 23 Sep 2020, 03:32:19 PM
Farmers

दिल्ली आ रहे किसानों पर दागे गए आंसू गैस के गोले, नोएडा में भी लगी रोक (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

तीन कृषि संबंधी विधेयकों को संसद से मंजूरी मिल चुकी है, मगर इन बिलों के खिलाफ प्रदर्शन बढ़ता ही जा रहा है. सड़कों पर किसान जमकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और लगातार इन विधेयकों को वापस लेने की मांग की जा रही है. कृषि बिलों को लेकर पंजाब और हरियाणा के किसानों में ज्यादा गुस्सा है. इसी कड़ी में आज किसानों ने हरियाणा के पानीपत से दिल्ली की ओर कूच किया, मगर रास्ते में ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया.

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पुलिस द्वारा रोके जाने से किसानों का गुस्सा और भड़क उठा. इस दौरान हालात बेकाबू होने पर हरियाणा पुलिस ने किसानों के ऊपर आंसू गैस के गोले दागे हैं. प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया है. इस दौरान पुलिस ने कई किसानों को भी हिरासत में ले लिया. प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि ये बिल किसान वर्ग के लिए डेथ वारंट है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

किसानों का कहना है कि उन्हें पहले से ही जो मिलता आ रहा है, वो उसी से खुश हैं. किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी जमीनों को अडानी और अंबानी को बेचने का काम कर रही है. किसान नेताओं ने कहा कि किसानों के साथ सरका धोखा कर रही है, क्योंकि ये विधेयक पूंजीपतियों के लिए है. पूंजीपति अब किसानों की फसलों का मनमाना एमएससी लगाएंगे, जिससे किसान की हालत और भी ज्यादा खराब हो जाएगी.

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उधर, नोएडा में भी किसानों को दिल्ली जाने से रोका गया है. दिल्ली पुलिस ने किसानों को बॉर्डर पर ही रोक दिया है. दिल्ली पुलिस ने किसानों को एंट्री नहीं दी और उन्हें बॉर्डर से ही वापस भेज दिया गया. यह किसान आजादपुर मंडी में धरना देने जा रहे थे. इनकी किसान बिल 2020 के विरोध में कृषि मंत्री से वार्ता करने की मांग है. उल्लेखनीय है कि किसान और तमाम विपक्षी दल इन कृषि विधेयकों को जमकर विरोध कर रहे हैं. लेकिन इन बिलों को संसद में पारित किया जा चुका है और अब राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून के रूप ले लेंगे.

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First Published : 23 Sep 2020, 03:32:19 PM

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