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शिवसेना विचारधारा से भटकी, सांसद के इस्तीफे से NCP से मतभेद उभरे

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर अब उनके ही एक सांसद संजय जाधव (Sanjay Jadhav) ने विचारधारा से भटकने का आरोप लगा अपना इस्तीफा सौंप दिया है.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 27 Aug 2020, 07:20:38 AM
Uddhav Thackeray Sanja Jadhav

संजय जाधव के लिए प्रचार तक किया था सीएम उद्धव ठाकरे ने. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

मुंबई:

महाराष्ट्र (Maharashtra) की महाविकास अघाड़ी सरकार उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के लिए जी का जंजाल बन चुकी है. दशकों से सहयोगी रही बीजेपी (BJP) को दरकिनार कर कांग्रेस-एनसीपी (Congress-NCP) के साथ बेमेल गठबंधन पर पहले से ही खांटी सैनिकों के निशाने पर आए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर अब उनके ही एक सांसद संजय जाधव (Sanjay Jadhav) ने विचारधारा से भटकने का आरोप लगा अपना इस्तीफा सौंप दिया है. यही नहीं, संजय जाधव ने यहां तक कह दिया है कि शिवसेना (Shivsena) ने एनसीपी के सामने घुटने टेक दिए हैं. संजय जाधव परभणी से सांसद हैं.

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पार्षदों को लेकर पहले भी हुआ बवाल
गौरतलब है कि करीब दो महीने पहले भी पुणे के पांच शिवसेना पार्षदों के एनसीपी में शामिल होने पर राजनीति गर्मा गई थी. तब नाराज सीएम उद्धव ठाकरे ने डिप्टी सीएम अजित पवार को संदेश दिया था. उद्धव की तरफ से कहा गया था कि एनसीपी में शामिल होने वाले सभी पार्षदों को वापस भेजा जाए. ये संदेश मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निजी सचिव मिलिंद नारवेकर ने उप-मुख्यमंत्री अजित पवार को फोन के जरिए दिया था. खबरें थी कि उद्धव ठाकरे इस पूरे प्रकरण को लेकर काफी नाराज हैं. दरअसल पुणे जिले के बारामती में परमार से शिवसेना के पांचों पार्षद डिप्टी सीएम अजीत पवार की मौजूदगी में एनसीपी में शामिल हुए थे.

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अजित पवार के बेटे का अलग हैं सुर
इसके अलावा सुशांत सिंह राजपूत के केस में भी अजित पवार के बेटे पार्थ पवार लगातार सीबीआई जांच की मांग करते रहे हैं, जबकि शिवसेना की तरफ से सीबीआई जांच को जरूरी नहीं माना गया था. पार्थ को इसे लेकर शरद पवार की तरफ से सार्वजनिक तौर पर डांट भी लगाई गई थी, लेकिन इसके बाद भी पार्थ ने एक ट्वीट सीबीआई जांच के स्वागत में किया.

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कांग्रेस-शिवसेना विवाद
कुछ महीने पहले विधान परिषद की 12 खाली सीटों को लेकर शिवसेना और कांग्रेस के बीच भी तल्खी देखी गई थी. कांग्रेस चाहती थी कि सभी सीटों का बंटवारा तीन पार्टियों के बीच बराबर हो. उस दौरान शिवसेना के खाते में 5, एनसीपी को 4 और कांग्रेस के खाते में 3 सीटें जाने की चर्चा थी. तब अशोक चव्हाण ने कहा था कि इस मुद्दे पर सीएम उद्धव ठाकरे से बातचीत करके मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा.

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First Published : 27 Aug 2020, 07:20:38 AM

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