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Mann ki Baat: PM मोदी ने फिर देशवासियों को चेताया- कोरोना अभी गया नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' (Mann ki Baat) के जरिए देश को संबोधित किया.

News Nation Bureau | Edited By : Deepak Pandey | Updated on: 25 Jul 2021, 11:57:32 AM
pm modi

Mann ki Baat (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' (Mann ki Baat) के जरिए देश को संबोधित किया. मन की बात कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी (PM Modi) ने भारतीय एथलीट दल को शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने कहा कि दो दिन पहले की अद्भुत तस्वीरें, यादगार पल, अब भी मेरी आंखों के सामने हैं. टोक्यो ऑलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों को तिरंगा लेकर चलता देखकर मैं ही नहीं, पूरा देश ही रोमांचित हो उठा. पूरे देश ने जैसे अपने इन योद्धाओं से कहा- विजयी भवः, विजयी भवः. उन्होंने कहा कि जब ये खिलाड़ी भारत से गए थे, तो मुझे भी इनसे गप-शप करने का, उनके बारे में जानने का और देश को बताने का अवसर मिला था. ये खिलाड़ी जीवन की अनेक चुनौतियों को पार करके यहां पहुंचे हैं. मन की बात कार्यक्रम का यह 79वां संस्करण है. 

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पीएम मोदी ने जो देश के लिए तिरंगा उठाता  है, उसके सम्मान में, भावनाओं से भर जाना स्वाभाविक ही है. कल यानि 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस भी है. इस बार 15 अगस्त को देश अपनी आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है. ये हमारा बहुत बड़ा सौभाग्य है कि जिस आजादी के लिए देश ने सदियों का इंतजार किया, उसके 75 वर्ष होने के हम साक्षी बन रहे हैं.

उन्होंने कहा कि कितने ही स्वाधीनता सेनानी और महापुरुष हैं, जिन्हें अमृत महोत्सव में देश याद कर रहा है. सरकार और सामाजिक संगठनों की तरफ से भी लगातार इससे जुड़े कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं. ‘अमृत महोत्सव’ किसी सरकार का, किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं है. यह कोटि-कोटि भारतवासियों का कार्यक्रम है.

मोदी ने कहा कि रोज के काम करते हुए भी हम राष्ट्र निर्माण कर सकते हैं, जैसे, Vocal for local. हमारे देश के स्थानीय उद्यमियों, कलाकारों, शिल्पकारों, बुनकरों को support करना, हमारे सहज स्वभाव में होना चाहिए. देश के ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में, हैंडलूम कमाई का बहुत बड़ा साधन है. ये ऐसा क्षेत्र है जिससे लाखों महिलाएं, लाखों बुनकर, लाखों शिल्पी, जुड़े हुए हैं. आपके छोटे-छोटे प्रयास बुनकरों में एक नई उम्मीद जगाएंगे.

उन्होंने आगे कहा कि साल 2014 के बाद से ही मन की बात में हम अक्सर खादी की बात करते हैं. ये आपका ही प्रयास है कि आज देश में खादी की बिक्री कई गुना बढ़ गई है. बात जब आजादी के आंदोलन और खादी की हो तो पूज्य बापू का स्मरण होना स्वाभाविक है. जैसे बापू के नेतृत्व में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ चला था, वैसे ही आज हर देशवासी को भारत जोड़ो आंदोलन का नेतृत्व करना है.

पीएम ने आगे कहा कि ‘मन की बात’ एक ऐसा माध्यम है जहां सकारात्मकता है, संवेदनशीलता है। ‘मन की बात’ में हम सकारात्मक बातें करते हैं, इसका Character collective करते हैं. कुछ दिन पहले MyGov की ओर से मन की बात के श्रोताओं को लेकर एक study की गई. Study के बाद सामने आया कि संदेश और सुझाव भेजने वालों में से करीब 75% 35 वर्ष से कम आयु के लोग होते हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आप लोगों से मिले सुझाव ही मन की बात की असली ताकत है. आपके सुझाव ही मन की बात के माध्यम से भारत की विविधता को प्रकट करते हैं. एक समय था जब छोटे-छोटे construction के काम में भी वर्षों लग जाते थे, लेकिन आज technology की वजह से भारत में स्थिति बदल रही है. फिलहाल देश में 6 अलग-अलग जगहों पर Light house projects पर तेजी से काम चल रहा है. इन Light house projects में Modern technology और Innovative तौर-तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है.

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पीएम ने कहा कि आपने अंग्रेजी की एक कहावत सुनी होगी - To Learn is to Grow यानि सीखना ही आगे बढ़ना है. जब हम कुछ नया सीखते हैं, तो हमारे लिए प्रगति के रास्ते खुद-ब-खुद खुल जाते हैं. अगर में आपसे पूछूं कि वो कौन से राज्य हैं जिन्हें आप सेब के साथ जोड़ेंगे? तो जाहिर है कि आपके मन में सबसे पहले हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड का नाम आएगा. पर अगर में कहूं कि इस लिस्ट में मणिपुर को भी जोड़ दीजिए तो आप शायद आश्चर्य से भर जाएंगे.

उन्होंने कहा कि T.S Ringphami Young- ये पेशे से Aeronautical Engineer हैं. उन्होंने अपनी पत्नी श्रीमती टी.एस. एंजेल के साथ मिलकर सेब की पैदावार की है. हमारे आदिवासी समुदाय में बेर बहुत लोकप्रिय है. आदिवासी समुदाय के लोग हमेशा से बेर की खेती करते रहे हैं. लेकिन कोविड-19 की बीमारी के बाद इसकी खेती विशेष रूप से बढ़ती जा रही है.

उन्होंने कहा कि COVID के दौरान ही उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एक अनोखी पहल हुई है. वहां महिलाओं को केले के बेकार तने से fibre बनाने की training देने का काम शुरू किया गया. Banana fibre के इस काम से एक स्थानीय महिला को 400 से 600 रुपये प्रतिदिन की कमाई हो जाती है. लखीमपुर खीरी में सैकड़ों एकड़ जमीन पर केले कि खेती होती है. एक ओर banana fibre से products बनाए जा रहे हैं. वहीं कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ और दक्षिण कन्नड़ जिले की महिलाएं केले के आटे से डोसा और गुलाब जामुन जैसे स्वादिष्ट व्यंजन बनाने का अनूठा कार्य कर रही हैं.

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प्रधानमंत्री ने कहा कि चंडीगढ़ के सेक्टर 29 में संजय राणा जी food stall चलाते हैं और साइकिल पर छोले-भटूरे बेचते हैं. एक दिन उनकी बेटी रिद्धिमा और भतीजी रिया एक आइडिया के साथ उनके पास आईं. उन्होंने कोविड वैक्सीन लगवाने वालों को फ्री में छोले-भटूरे खिलाने को कहा. उन्होंने कहा कि एक और काम की चर्चा आज करना चाहूंगा. ये काम हो रहा है तमिलनाडु के नीलगिरी में. वहां राधिका शास्त्री जी ने AmbuRx project की शुरुआत की है.कुछ दिन पहले एक बहुत ही interesting और बहुत ही emotional event हुआ जिससे भारत-जॉर्जिया मैत्री को नई मजबूती मिली है. इस एक समारोह ने दोनों देशों के साथ ही, गोवा और जॉर्जिया के बीच के संबंधों को भी और प्रगाढ़ कर दिया.

 पीएम मोदी ने आगे कहा कि अब मैं आपको सिंगापुर लेकर चलता हूं, जहां इस महीने की शुरुआत में एक और गौरवशाली अवसर सामने आया. सिंगापुर के प्रधानमंत्री और मेरे मित्र Lee Hsien Loong ने हाल ही में Renovate किए गए सिलाट रोड गुरुद्वारा का उद्घाटन किया. एक और विषय है जो मेरे दिल के बहुत करीब है. ये विषय है जल संरक्षण का. पानी की एक-एक बूंद को बचाना हमारी जीवन शैली का एक सहज हिस्सा बन जानी चाहिए.

First Published : 25 Jul 2021, 10:47:17 AM

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