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सुप्रीम कोर्ट की लताड़ और केंद्र की तिरछी त्योरियों के बीच सुपर एक्टिव हुई केजरीवाल सरकार, शाह संग बड़ी बैठक आज

सुप्रीम कोर्ट (Supree Court) की लताड़ औऱ गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) से रविवार को बैठक से पहले दिल्ली की अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) सरकार और उप राज्यपाल अनिल बैजल (Anil Baijal) सुपर एक्टिव मोड में आ गए हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 14 Jun 2020, 07:08:45 AM
Delhi Corona

रविवार को बैठक से पहले दिल्ली सरकार ने किए कई अहम फैसले. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • केंद्र सरकार के निर्देश पर केजरीवाल-बैजल की अमित शाह संग बैठक आज.
  • इसके पहले सुपर एक्टिव मोड में आते हुए दिल्ली सरकार ने की कई घोषणाएं.
  • एलजी ने कोविड-19 गाइडलाइंस के उल्लंघन पर जुर्माना वसूलने के दिए निर्देश.

नई दिल्ली:  

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की लताड़ औऱ गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) से रविवार को बैठक से पहले दिल्ली की अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) सरकार और उप राज्यपाल अनिल बैजल (Anil Baijal) सुपर एक्टिव मोड में आ गए हैं. दिल्ली सरकार ने शनिवार देर शाम नया फरमान जारी करते हुए 10 से लेकर 49 बेड के सभी नर्सिंग होम्स को कोविड नर्सिंग होम घोषित कर दिया. इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने कहा कि तीन दिन के अंदर कोरोना मरीजों (Corona Patients) के लिए बेड तैयार करना होगा, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी. यही नहीं दिल्ली की सीएम केजरीवाल ने डॉक्टरों से फोन पर मुफ्त में सलाह देने का अनुरोध भी किया है. इसके साथ ही एलजी अनिल बैजल ने भी नियमों का उल्लंघन करने वालों से जुर्माना वसूलने का आदेश दे दिया है. साथ ही कोविड-19 (COVID-19) संक्रमण से जुड़ी गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने को कहा है. गौरतलब है कि दिल्ली में लगातार दो दिन कोरोना के 2,000 से अधिक नए मामले सामने आए हैं. राजधानी में कोरोना के बढ़ते कहर को देखते हुए केंद्र सरकार भी हरकत में आ गई है.

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10-49 बेड्स क्षमता वाले नर्सिंग होम 'कोविड-19 स्वास्थ्य केंद्र' घोषित
दिल्ली सरकार ने 10-49 बिस्तर की क्षमता वाले सभी छोटे एवं मध्यम मल्टीस्पेशलिटी नर्सिंग होम को शनिवार को 'कोविड-19 नर्सिंग होम' घोषित कर दिया. आधिकारिक बयान के मुताबिक, कोरोना वायरस के मरीजों के लिए बिस्तरों की संख्या में बढ़ोत्तरी करने के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है. आदेश के मुताबिक, केवल विशेष तौर पर आंख, कान एवं गले का इलाज करने वाले केंद्रों, डायलिसिस केंद्रों, प्रसव गृहों और आईवीएफ केंद्रों को इससे छूट दी गई है. इसमें कहा गया, 'छोटे और मध्यम मल्टीस्पेशलिटी नर्सिंग होम (10 से 49 बिस्तर वाले) में कोविड और गैर-कोविड मरीजों के परस्पर एक-दूसरे के सपंर्क में आने से बचने के लिए और कोविड-19 के मरीजों के लिए बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के ऐसे सभी नर्सिंग होम को कोविड-19 नर्सिंग होम घोषित किया गया है, जिनकी बिस्तर क्षमता 10-49 है.' आदेश के मुताबिक, ऐसे सभी नर्सिंग होम को आदेश जारी होने के तीन दिन के अंदर अपने कोविड बिस्तरों को तैयार रखना चाहिए, ऐसा करने में विफल रहने वालों को दिल्ली नर्सिंग होम पंजीकरण के नियमों के उल्लंघन का दोषी माना जाएगा.

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अस्पताल कोविड-19 इलाज पर आने वाला खर्च साझा करें
सोशल मीडिया पर एक निजी अस्पताल में कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज में अत्यधिक खर्च आने की चर्चा होने के बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि उन्होंने सभी अस्पतालों से शुल्क का ब्योरा मांगा है. साथ ही, इसका अवलोकन करने के बाद कोई कदम उठाने के बारे में निर्णय किया जाएगा. सरकारी नोटिस के मुताबिक 16 जून को होने वाली डीडीएमए की बैठक में निजी अस्पतालों और एम्बुलेंस के शुल्क की अधिकतम सीमा तय किए जाने के साथ ही कोविड-19 परीक्षण की कीमत कम किए जाने को लेकर भी चर्चा होगी. इस बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल अनिल बैजल भी मौजूद रहेंगे.

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निजी अस्पतालों पर भी लगाम लगाने की तैयारी
गौरतलब है कि मैक्स अस्पताल का रेट कार्ड सोशल मीडिया पर फैल गया जहां कई लोगों ने इस बात का जिक्र किया कि आम आदमी के लिए यह शुल्क अत्यधिक है. दर सूची में यह अंकित है कि अस्पताल वेंटिलेटर के साथ आईसीयू के लिए 72,000 रुपये ले रहा है. वहीं, अस्पताल चलाने वाले मैक्स हेल्थकेयर ने कहा कि सोशल मीडिया पर मौजूद इस दर सूची में सभी तथ्य शामिल नहीं हैं, जैसे कि नियमित जांच, नियमित दवाइयां, चिकित्सक और नर्स के शुल्क आदि को शामिल किया जाना. जैन ने कहा, 'सभी अस्पतालों से यह कहा गया है कि वे कोविड-19 के इलाज की शुल्क दर साझा करें. आगे क्या करना है, इस बारे में हम प्रत्येक अस्पताल का अवलोकन करने के बाद फैसला करेंगे.'

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केजरीवाल ने डॉक्टरों से फोन पर मुफ्त सलाह देने को कहा
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सभी डॉक्टरों से अनुरोध किया कि वे स्वेच्छा से दिल्ली सरकार की टेलीमिडिसिन हेल्पलाइन पर लोगों को मुफ्त चिकित्सा परामर्श देने के लिये आगे आए. केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश में उनसे अनुरोध किया कि वे फोन नंबर 08047192219 पर मिस्ड कॉल देकर पंजीकरण कराएं. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस संभवत: मानव इतिहास की सबसे बड़ी 'आपदा' है और कोई एजेंसी, सरकार या संगठन इससे अकेले नहीं लड़ सकता. उन्होंने कहा, 'यह एक व्यापक चुनौती है. सरकारें, समाज, समाजिक संगठन…हम सभी को इसे हराने के लिये साथ आने की आवश्यकता है.' केजरीवाल ने कहा, 'कई डॉक्टर फोन पर लोगों को मुफ्त चिकित्सा परामर्श देने के लिये आगे आए हैं. इसी तरह अगर आप चिकित्सक है और स्वेच्छा से काम करना चाहते हैं तो इस नंबर पर मिस्ड कॉल दे सकते हैं.'

First Published : 14 Jun 2020, 06:21:39 AM

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