New Update
/newsnation/media/post_attachments/images/2021/02/23/pm-modi-ani-tweet-58.jpg)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ( Photo Credit : ANI)
0
By clicking the button, I accept the Terms of Use of the service and its Privacy Policy, as well as consent to the processing of personal data.
Don’t have an account? Signup
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ( Photo Credit : ANI)
केंद्र सरकार ने बेकार पड़ी 100 से अधिक सरकारी संपत्तियों को बेचने की योजना बनाई है. बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वेबिनार में सरकार के विनिवेश प्लान (Divestment Plan) को लेकर चर्चा की. उन्होंने बताया कि सरकार बंद पड़ी हुई सरकारी संपत्तियों को बेचकर 2.5 लाख करोड़ रुपए जुटाने पर काम कर रही है. बजट घोषणाओं के कार्यान्वयन को लेकर वेबिनार के जरिए अपने भाषण में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब देश में पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइज शुरू किए गए थे तब समय अलग था और देश की जरूरतें भी अलग थीं. आज जब हम ये रिफॉर्म्स कर रहे हैं तो हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य यही है कि जनता के पैसे का सही उपयोग हो.
यह भी पढ़ेंः देश में कोरोना फैलाने पर कोर्ट ने तबलीगी जमातियों को सुनाई ये सजा
फरवरी में पेश हुए आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बताया था कि सरकार ने विनिवेश के जरिए 1.75 लाख करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा है. माना जा रहा है कि सरकार जुलाई-अगस्त तक एयर इंडिया और बीपीसीएल को लेकर विनिवेश प्लान पूरा करने की तैयारी कर रही है. वन मार्केट-वन टैक्स सिस्टम का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बीते वर्षों में हमारी सरकार ने भारत को बिजनेस के लिए एक अहम डेस्टिनेशन बनाने के लिए निरंतर रिफॉर्म्स किए हैं. आज भारत वन मार्केट-वन टैक्स सिस्टम से युक्त है. आज भारत में कंपनियों के लिए एंट्री और एग्जिट के लिए बेहतरीन माध्यम उपलब्ध हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों पर आयोजित वेबीनार में कहा कि बजट 2021-22 में भारत को ऊंची वृद्धि की राह पर ले जाने के लिए स्पष्ट रूपरेखा बनाई गई है. उन्होंने कहा कि कई सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम घाटे में हैं, कइयों को करदाताओं के पैसे से मदद दी जा रही है. उन्होंने कहा कि ‘सरकारी कंपनियों को केवल इसलिए नहीं चलाया जाना चाहिए कि वे विरासत में मिली हैं.’ प्रधानमंत्री ने कहा कि बीमार सार्वजनिक उपक्रमों को वित्तीय समर्थन देते रहने से अर्थव्यवस्था पर बोझ पड़ता है.
यह भी पढ़ें: UP में धर्म परिवर्तन विधेयक पास, होगी 10 साल की सजा और 50 हजार का जुर्माना
उन्होंने कहा व्यवसाय करना सरकार का काम नहीं, सरकार का ध्यान जन कल्याण पर होना चाहिए. सरकार के पास कई ऐसी संपत्तियां हैं, जिसका पूर्ण रूप से उपयोग नहीं हुआ है या बेकार पड़ी हुई हैं, ऐसी 100 परिसंपत्तियों को बाजार में चढ़ाकर 2.5 लाख करोड़ रुपये जुटाये जाएंगे. मोदी ने कहा सरकार मौद्रिकरण, आधुनिकीकरण पर ध्यान दे रही है. निजी क्षेत्र से दक्षता आती है, रोजगार मिलता है. निजीकरण, संपत्ति के मौद्रिकरण से जो पैसा आएगा उसे जनता पर खर्च किया जाएगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट घोषणाओं के कार्यान्वयन को लेकर वेबिनार के जरिए अपने भाषण में कहा कि इस बजट ने भारत को फिर से हाई ग्रोथ ट्रेजेक्ट्री पर ले जाने के लिए स्पष्ट रोडमैप सामने रखा है. बजट में भारत के विकास में प्राइवेट सेक्टर की मजबूत पार्टनरशिप पर भी फोकस किया गया है.
Source : News Nation Bureau