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UP में धर्म परिवर्तन विधेयक पास, होगी 10 साल की सजा और 50 हजार का जुर्माना

उत्तर प्रदेश विधानसभा में धर्म परिवर्तन विधेयक पास हो गया है. अब अगर आपने किसी के साथ जबरन धर्म परिवर्तन किया या करवाया तो इस विधेयक के मुताबिक 10 साल तक की सजा का प्रावधान है. इसके अलावा इस जुर्म में आपको 50 हजार रुपयों का जुर्माना भी देना होगा.

News Nation Bureau | Edited By : Ravindra Singh | Updated on: 24 Feb 2021, 06:56:06 PM
Yogi Adityanath

योगी आदित्यनाथ (Photo Credit: फाइल फोटो)

highlights

  • यूपी विधान सभा से धर्मांतरण कानून पर लगी मुहर
  • नए विधेयक के बाद 1968 का धर्म परिवर्तन कानून खत्म
  • जबरन धर्म परिवर्तन पर होगी 10 साल की सजा

लखनऊ:

उत्तर प्रदेश विधानसभा में धर्म परिवर्तन विधेयक पास हो गया है. अब अगर आपने किसी के साथ जबरन धर्म परिवर्तन किया या करवाया तो इस विधेयक के मुताबिक 10 साल तक की सजा का प्रावधान है. इसके अलावा इस जुर्म में आपको 50 हजार रुपयों का जुर्माना भी देना होगा. अगर आप किसी का धर्म परिवर्तन कर रहे हो या फिर करवा रहे हो तो इसके लिए आपको पहले से आवेदन करना होगा और जिलाधिकारी को इसके बारे में सूचित कर उनसे इसकी अनुमति लेनी होगी. अगर आप ने सरकार द्वारा जारी की गई इन गाइड लाइंस को फॉलो नहीं किया तो फिर आप को जबरन धर्म परिवर्तन का दोषी पाया जाएगा और आप को 10 साल तक कैद की सजा हो सकती है साथ आप पर 50 हजार रुपयों का जुर्माना भी किया जा सकता है.

आपको बता दें कि पिछले महीने ही धर्मांतरण अध्यादेश पर उत्तर प्रदेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा था. सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार की ट्रांसफर याचिका को खारिज कर दिया था. आपको बता दें कि धर्मांतरण मामले में योगी सरकार की तरफ से एससी में ट्रांसफर करने की याचिका डाली गई थी.  सुप्रीम कोर्ट ने धर्म परिवर्तन मामलों को इलाहाबाद हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर करने की मांग को खारिज कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि हाई कोर्ट जब इस मामले पर गौर कर रहा है तो हम किस आधार पर उसे यहां ट्रांसफर करें और हम चाहेंगे कि हाई कोर्ट इस पर फैसला दें. उसके बाद अगर आप संतुष्ट ना हों तब सुप्रीम कोर्ट में अपील करें.

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गौरतलब है कि याचिकाओं में धर्मांतरण विरोधी कानून को संविधान के खिलाफ और गैरजरूरी बताते हुए चुनौती दी गई है. याची का कहना है कि यह कानून व्यक्ति की निजी पसंद व शर्तो पर व्यक्ति के साथ रहने व मत अपनाने के मूल अधिकारों के विपरीत है. यह निजी स्वतंत्रता के अधिकार का हनन करता है. इसे रद किया जाए. इस कानून का दुरुपयोग किया जा सकता है.

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मध्य प्रदेश में पहले ही लागू हो चुका है धर्मांतरण कानून
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में पिछले दिनों शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने धर्म परिवर्तन के खिलाफ विधेयक को मंजूरी दी थी. इस विधेयक के तहत किसी पर धर्म परिवर्तन के मामले में एक से 10 साल की कैद की सजा का प्रावधान है.  इसके अलावा 25 हजार से 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रावधान है. इस नए विधेयक के बाद अब 1968 का धर्म परिवर्तन कानून खत्म हो जाएगा.

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First Published : 24 Feb 2021, 06:16:18 PM

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