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प्रणव मुखर्जी के पास व्यापक ज्ञान और नेतृत्व कौशल था: मनमोहन सिंह

भारत के राष्ट्रपति के सर्वोच्च संवैधानिक पद को प्राप्त करने से पहले,  प्रणब मुखर्जी का 5 दशकों से अधिक का लंबा और शानदार राजनीतिक जीवन रहा. वह कांग्रेस पार्टी के सबसे प्रतिष्ठित नेताओं में से एक थे

News Nation Bureau | Edited By : Mohit Sharma | Updated on: 31 Aug 2021, 07:57:13 PM
Manmohan Singh

Manmohan Singh (Photo Credit: ANI)

नई दिल्ली:

भारत के राष्ट्रपति के सर्वोच्च संवैधानिक पद को प्राप्त करने से पहले,  प्रणब मुखर्जी का 5 दशकों से अधिक का लंबा और शानदार राजनीतिक जीवन रहा. वह कांग्रेस पार्टी के सबसे प्रतिष्ठित नेताओं में से एक थे. ये बात देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 'प्रथम प्रणब मुखर्जी स्मृति व्याख्यान' में कहीं. डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत सरकार के मंत्रालयों में कई महत्वपूर्ण विभागों को संभाला. उन्होंने जितने भी पदों पर काम किया, उन्होंने व्यापक ज्ञान, गहन ज्ञान, सार्वजनिक जीवन और नेतृत्व कौशल का व्यापक अनुभव, मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला पर सरकार के महत्वपूर्ण निर्णयों का नेतृत्व किया.

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प्रणब दा को बांग्लादेश से गहरा लगाव था

वहीं, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 'प्रथम प्रणब मुखर्जी स्मृति व्याख्यान' में कहा कि वह बांग्लादेश के सच्चे मित्र और उपमहाद्वीप के एक महान राजनीतिक प्रतीक थे. मैं इस महान व्यक्तित्व को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं. प्रणब दा को बांग्लादेश से गहरा लगाव था. शेख हसीना ने कहा कि हमारे महान मुक्ति संग्राम में उनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा...बांग्लादेश के लोग उनके समर्थन को कृतज्ञतापूर्वक याद करते हैं. प्रणब मुखर्जी के मन में हमारे राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के लिए बहुत सम्मान और गहरा सम्मान था.

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'लोकतंत्र एक उपहार नहीं बल्कि एक पवित्र मार्गदर्शक है'

प्रणब मुखर्जी लिगेसी फाउंडेशन (पीएमएलएफ) द्वारा आयोजित पहले प्रणब मुखर्जी मेमोरियल लेक्चर (वस्तुतः) में उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि 2018 में नागपुर में एक आरएसएस प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए, प्रणब दा ने कहा था कि लोकतंत्र एक उपहार नहीं बल्कि एक पवित्र मार्गदर्शक है. 

First Published : 31 Aug 2021, 07:43:37 PM

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