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कोरोना महामारी के दौरान 'थर्ड स्पेस' से काम करना चाहते हैं भारतीय

कोविड ने लोगों के जीने, काम करने और समाजीकरण के तरीके को बदल दिया है . एक साल के लॉकडाउन के बाद, सर्वेक्षण में शामिल भारत में 98 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने महामारी के प्रकोप से अपनी जीवन शैली में कम से कम एक स्थायी बदलाव किया है.

By : Ravindra Singh | Updated on: 25 May 2021, 03:30:52 PM
work from third place

सांकेतिक चित्र (Photo Credit: आईएएनएस)

highlights

  • कोविड ने बदली लोगों की जीवनशैली
  • भारतीय को पसंद आया तीसरा स्पेस
  • ऑफिस या घर छोड़कर तीसरा स्थान पसंद

नयी दिल्ली:

कोविड ने लोगों के जीने, काम करने और समाजीकरण के तरीके को बदल दिया है . एक साल के लॉकडाउन के बाद, सर्वेक्षण में शामिल भारत में 98 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने महामारी के प्रकोप से अपनी जीवन शैली में कम से कम एक स्थायी बदलाव किया है. इसकी जानकारी मंगलवार को एक नए एक्सेंचर सर्वेक्षण में सामने आइ है. भारत में 87 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वे 'तीसरे स्थान' से काम करना चाहते हैं - यानी उनके घर या कार्यस्थल के अलावा कोई दूसरा स्थान (आतिथ्य और खुदरा उद्योगों के लिए राजस्व बढ़ने के संभावित अवसर पर प्रकाश डाला गया). सर्वेक्षण में शामिल 57 फीसदी लोगों की महामारी के बाद की कोई व्यावसायिक यात्रा योजना नहीं है या वे इसे आधा करने का इरादा कर रहे हैं.

निष्कर्षों से पता चला है, भारत में कम ई-कॉमर्स उपयोगकतार्ओं द्वारा उत्पादों की ऑनलाइन खरीदारी में 667 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. वैश्विक उपभोक्ता सर्वेक्षण के निष्कर्ष में जिसमें भारत में 500 से ज्यादा 19 देशों में 9,650 से अधिक लोगों को शामिल किया गया है, यह सुझाव देता है कि महामारी नवाचार की एक नई लहर को ट्रिगर करने के लिए तैयार है क्योंकि खुदरा विक्रेता, उपभोक्ता सामान कंपनियां प्रतिक्रिया से पुनर्निवेश की ओर स्थानांतरित हो रही हैं. भारत में एक्सेंचर के मैनेजिंग डायरेक्टर और लीड, स्ट्रैटेजी एंड कंसल्टिंग, अनुराग गुप्ता ने कहा, चूंकि कंपनियां रिएक्शन से रीइन्वेंशन की ओर शिफ्ट हो रही हैं, इसलिए उन्हें वैल्यू चेन में डिजिटल की पूरी क्षमता को गति और पैमाने पर इस्तेमाल करने की जरूरत है.

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कई उपभोक्ता-सामना करने वाली कंपनियों ने क्लाउड में अपने व्यवसायों को फिर से मंचित किया है, लागत दबावों को संबोधित किया है, और लचीलापन और सुरक्षा का निर्माण जारी रखा है, जिससे नवाचार को सक्षम करने और उन्हें भविष्य की सफलता के लिए स्थान देने के लिए बुनियादी ढांचे रखे जा सकें. भारत में एक्सेंचर के प्रबंध निदेशक मनीष गुप्ता ने कहा, डिजिटल तकनीकों जैसे क्लाउड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस एनालिटिक्स को अपनाने से, एक अच्छी तरह से परिभाषित उद्देश्य के साथ, कंपनियों को न केवल नए तरीकों से उपभोक्ताओं तक पहुंचने में मदद मिल सकती है, बल्कि बाजार की बढ़ती मांगों के लिए तेजी से अनुकूलन भी हो सकता है.

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कई लोगों को लगता है कि उनकी कुछ काम की आदतों और यात्रा योजनाओं में स्थायी रूप से बदलाव आया है, बल्कि कई लोग तो यह भी सोचते हैं कि उनकी खरीदारी की आदतें लंबी अवधि के लिए विकसित हुई हैं. रिपोर्ट से पता चला है नवीनतम शोध पिछले निष्कर्षों का समर्थन करते है कि ई-कॉमर्स में नाटकीय बढ़ोतरी जारी रहने या आगे बढ़ने की संभावना है.

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First Published : 25 May 2021, 03:26:47 PM

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