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हाथरस कांड: चश्मदीद छोटू से सीबीआई की पूछताछ, फॉरेंसिक और आईटी एक्सपर्ट टीम भी पहुंचीं

हाथरस कांड के चश्मदीद विक्रांत उर्फ छोटू को सीबीआई ने रविवार को भी पूछताछ के लिए कैंप कार्यालय बुलाया. छोटू की गवाही इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण है.

Written By : राहुल डबास | Edited By : Dalchand Kumar | Updated on: 18 Oct 2020, 02:13:14 PM
Hathras Case

हाथरस कांड: CBI ने चश्मदीद छोटू को पूछताछ के लिए दफ्तर बुलाया (Photo Credit: फ़ाइल फोटो)

दिल्ली:

उत्तर प्रदेश में हाथरस जिले के चंदपा कोतवाली क्षेत्र में दलित युवती के साथ कथित सामूहिक दुष्‍कर्म और उसकी हत्‍या के मामले में चश्मदीद विक्रांत उर्फ छोटू को सीबीआई ने रविवार को भी पूछताछ के लिए कैंप कार्यालय बुलाया. हाथरस केस में सीबीआई ने जिस युवक से घंटे भर तक पूछताछ की थी, अब उसे दोबारा कैंप कार्यालय बुला लिया गया है. इस बार उसके साथ उसका एक साथी भी मौजूद है. सीबीआई के कैम्प ऑफिस में फॉरेंसिक और आईटी एक्सपर्ट टीम भी पहुंची हैं. यानी बयानों के साथ सबूत और तथ्यों का मिलान करने की तैयारी है.

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माना जा रहा है इन दोनों की गवाही इस केस को लेकर बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि अगर 14 सितंबर की घटना के समय आरोपी संदीप की मौजूदगी पर संदेह पैदा होता है तो सीबीआई की जांच अलग रूप अख्तियार कर सकती है. छोटू की गवाही इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण है. शुक्रवार को भी छोटू की गवाही के आधार पर ही सीबीआई का विशेष जांच दल सीमा पाहुजा के नेतृत्व में दोबारा क्राइम सीन गया था और गवाही से मिली जानकारी के आधार पर ही मृतक पीड़िता की भाभी और मां से पूछताछ की गई थी.

गौरतलब है कि छोटू ही वह पहला चश्मदीद है, जिसमें पीड़ित परिवार पर सवाल खड़ा करते हुए कहा था कि पहले मौके पर पीड़िता की मां के साथ उसका भाई भी मौजूद था. लेकिन फिर भाई काफी देर के लिए गायब हो गया. इससे पहले आज सुबह सीबीआई दो बार गांव से बाहर रहने वाले एक युवक से पूछताछ कर चुकी है, जो कथित रूप से उस कंपनी का बताया जा रहा है जहां आरोपी काम करता था.

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उल्लेखनीय है कि हाथरस के एक गांव में 14 सितंबर को 19 वर्षीय दलित लड़की से अगड़ी जाति के चार लड़कों ने कथित रूप से बलात्कार किया था. इस लड़की की 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी. पीड़ित की 30 सितंबर को रात के अंधेरे में उसके घर के पास ही अंत्येष्टि कर दी गई थी. उसके परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने जल्द से जल्द उसका अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर किया. जबकि स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना था कि परिवार की इच्छा के मुताबिक ही अंतिम संस्कार किया गया. 

First Published : 18 Oct 2020, 02:13:14 PM

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