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डोभाल ने 7 साल पहले ही किया था आगाह, चीन और पाक मिलकर रच रहे साजिश

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने साल 2013 में ही आगाह किया था कि चीन पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत के खिलाफ जासूसी कर रहा है और नार्थ ईस्ट के उग्रवादी संगठनों को हथियारों की सप्लाई में लगा हुआ है.

News Nation Bureau | Edited By : Kuldeep Singh | Updated on: 30 Jun 2020, 09:22:19 AM
Ajit Dobhal

एनएसए अजीत डोभाल (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

भारत और चीन से बीच लद्दाख के पैंगोग और गलवान में हुए ताजा विवाद के बाद से हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. भारत सरकार इस समस्या का समाधान डिप्लौमेटिक स्तर पर करने का प्रयास कर रहा है तो वहीं चीन लाइन आफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर अपने सैनिकों की संख्या में इजाफा कर रहा है. जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने साल 2013 में ही आगाह किया था कि चीन पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत के खिलाफ जासूसी कर रहा है और नार्थ ईस्ट के उग्रवादी संगठनों को हथियारों की सप्लाई में लगा हुआ है.

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अजीत डोभाल ने मुताबिक चीन की भारत के खिलाफ जासूसी की बात कोई नई नहीं हैं. दरअसल जब दलाईलामा ने भारत की शरण ली उसी समय चीन ने भारत की जासूसी तेज कर दी. साल 1959 में दलाईलामा अपने 80 हज़ार सैनिकों के साथ भारत में शरण ली तो उसके बाद से चीनी खुफिया एजेंसियां भारत में काफी सक्रिय हो गई. 2013 में भी हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से चीनी सेना के एक जासूस पेमा सरींग को गिरफ्तार किया गया जो फेक आईडी कार्ड के जरिये अपनी पहचान छुपा कर दलाईलामा की जासूसी कर रहा था. डोभाल ने यह भी बताया कि 21 नवंबर 1959 को करम सिंह जो कि इंटेलिजेंस ब्यूरो में डिप्टी सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी के पद पर तैनात थे उनकी चीनी सैनिकों से झड़प भी हुई थी जिसमें उनकी मौत हो गई थी.

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कई सालों से चीन बना रहा प्लान
अजीत डोभाल के मुताबिक चीन पिछले कई सालों से यह योजना बना रहा है. इस बारे में सरकारों को पहले भी जानकारी दी गई. इस साजिशों के खिलाफ या तो सरकारें अनदेखी करती रही या कुछ भी कहने से बचती रहीं. डोभाल के मुताबिक भारत के खिलाफ चोरी छिपे साजिश पर बड़ा खुलासा एक बार फिर साल 2010 में हुआ जब नेपाल से लौटे एंटोनी शिमरे नाम के एक नार्थ-ईस्ट के उग्रवादी को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पकड़ा. तब गिरफ्तार किए गए एंटोनी ने बताया था कि चीन से उसे बड़ी मात्रा में हथियारों को भारत भेजने की योजना बनाई है. इन हथियारों को नार्थ ईस्ट के उग्रवादी गुटों तक पहुंचाना था. अजीत डोभाल ने भारत के खिलाफ चीन की बड़ी साजिश का खुलासा करते हुए बताया है कि भारत के खिलाफ चीन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की भी मदद ले रहा है. 

First Published : 30 Jun 2020, 09:22:19 AM

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