News Nation Logo

कांग्रेस को पूरी तरह बदल दें... 23 बड़े नेताओं का सोनिया गांधी को पत्र

यह मांग कांग्रेस के 23 बड़े नेताओं ने की है. इनमें 5 पूर्व मुख्‍यमंत्री, शशि थरूर (Shashi Tharoor) जैसे सांसद, कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्‍य और तमाम पूर्व केंद्रीय मंत्री शामिल हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 23 Aug 2020, 05:10:18 PM
Sonia Rahul Gandhi

अब आमूल-चूल बदलाव की मांग उठी कांग्रेस में. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

नई दिल्ली:

कांग्रेस (Congress) में अंदरूनी विवाद थमकर भी नहीं थमा है. अगर कुछ लोग पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की दोबारा इसी पद पर ताजपोशी देखना चाहते हैं, तो कुछ गांधी परिवार से किसी बाहर के शख्स को. इस बीच कांग्रेस के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि जब पार्टी के बड़े नेताओं ने अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को पत्र लिखकर पार्टी में बड़े बदलाव की मांग की है. यह मांग कांग्रेस के 23 बड़े नेताओं ने की है. इनमें 5 पूर्व मुख्‍यमंत्री, शशि थरूर (Shashi Tharoor) जैसे सांसद, कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्‍य और तमाम पूर्व केंद्रीय मंत्री शामिल हैं. इनका कहना है कि पार्टी में बड़े बदलाव करके कांग्रेस को हो रहे नुकसान से बचाया जाए. यह मांग कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक से ऐन पहले की गई है.

यह भी पढ़ेंः कैरेबियन देश की नागरिकता पर कराची में दाऊद ने खरीदी कई संपत्तियां

बीजेपी के प्रति युवाओं के झुकाव का हवाला
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार यह पत्र बीजेपी की प्रगति की ओर इशारा करता है. यह स्वीकार करते हुए कि युवाओं ने निर्णायक रूप से नरेंद्र मोदी को वोट दिया है. पत्र बताता है कि कांग्रेस को बुनियादी रूप से समर्थन का घाटा हुआ है. युवाओं का विश्वास खोना गंभीर चिंता का विषय है. यह पत्र करीब दो हफ्ते पहले भेजा गया था. पत्र के जरिये बड़े नेताओं ने एक 'पूर्णकालिक और प्रभावी नेतृत्व' लाने की मांग की है, जो कि धरातल पर दिखे भी और सक्रिय भी रहे. साथ ही पार्टी के पुनरुद्धार के लिए सामूहिक रूप से संस्थागत नेतृत्व तंत्र की तत्काल स्थापना के लिए भी कहा गया है.

यह भी पढ़ेंः आखिर क्यों डोनाल्ड ट्रंप को देने होंगे इस पोर्न स्टार को 33 लाख रुपये

इन लोगों ने किए हस्ताक्षर
पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, पार्टी के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल, मनीष तिवारी, शशि थरूर, सांसद विवेक तन्खा, एआईसीसी के पदाधिकारी और सीडब्ल्यूसी सदस्य जिनमें मुकुल वासनिक और जितिन प्रसाद और पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शामिल हैं. साथ ही भूपिंदर सिंह हुड्डा, राजेंदर कौर भट्टल, एम वीरप्पा मोइली, पृथ्वीराज भवन, पी जे कुरियन, अजय सिंह, रेणुका चौधरी, और मिलिंद देवड़ा भी शामिल हैं. पूर्व पीसीसी प्रमुख राज बब्बर (यूपी), अरविंदर सिंह लवली (दिल्ली) और कौल सिंह ठाकुर (हिमाचल), वर्तमान बिहार अभियान प्रमुख अखिलेश प्रसाद सिंह, हरियाणा के पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा, दिल्ली के पूर्व स्पीकर योगानंद शास्त्री और पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने भी इसमें हस्‍ताक्षर किए हैं.

यह भी पढ़ेंः पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की सेहत में नहीं कोई सुधार, हालत स्थिर

आत्मनिरीक्षण की सलाह
पत्र में कहा गया है कि लोकसभा चुनाव में हार के एक साल बाद भी पार्टी ने लगातार गिरावट के कारणों का पता लगाने के लिए कोई आत्मनिरीक्षण नहीं किया है. हालांकि पहले भी इसी मुद्दे पर कपिल सिब्बल और युवा नेताओं में तलवारें खिंच चुकी हैं. सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि पत्र के जवाब के रूप में एक प्रमुख संगठनात्मक फेरबदल की योजना बनाई जा रही है. सोमवार होने वाली सीडब्‍यूसीसी की बैठक में उसी की घोषणा होने की उम्मीद है.

LIVE TV NN

NS

NS

First Published : 23 Aug 2020, 12:34:20 PM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.