Air Ambulance Crash: 39 साल पुराना था झारखंड में क्रैश हुआ बीचक्राफ्ट विमान, 6600 घंटे भर चुका था उड़ान

Ranchi Air Ambulance Crash: झारखंड में मंगलवार को क्रैश हुए विमान के बारे में नई जानकारी सामने आई है. बताया जा रहा है कि ये विमान 39 साल पुराना था, जो 6600 से ज्यादा घंटे उड़ान भर चुका था.

Ranchi Air Ambulance Crash: झारखंड में मंगलवार को क्रैश हुए विमान के बारे में नई जानकारी सामने आई है. बताया जा रहा है कि ये विमान 39 साल पुराना था, जो 6600 से ज्यादा घंटे उड़ान भर चुका था.

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Suhel Khan
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Ranchi Air Ambulance Crash

झारखंड में क्रैश हुए विमान का मलबा Photograph: (ANI)

Ranchi Air Ambulance Crash: झारखंड की राजधानी रांची के पास क्रैश हुई एयर एंबुलेंस को लेकर लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं. अब बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम को जो विमान क्रैश हुआ था वो 39 साल पुराना था. इस विमान ने 6600 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी थी. इस हादसे में विमान में सवार सभी यात्रियों की जान चली गई थी.

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मंगलवार शाम को क्रैश हुआ था विमान

बता दें कि सात सीटों वाला विमान 23 फरवरी की रात को झारखंड के चतरा जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस विमान ने रांची से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी. जो एक मरीज को दिल्ली लेकर आ रहा था. मृतकों में मरीज संजय कुमार (41), एक डॉक्टर, एक पैरामेडिक, दो परिचारक, पायलट-इन-कमांड विवेक विकास भगत और फर्स्ट ऑफिसर सवराजदीप शामिल थे. विवेक विकास भगत के पास करीब 1,400 घंटे का उड़ान अनुभव था. जबकि फर्स्ट ऑफिसर सवराजदीप सिंह ने करीब 450 घंटे उड़ान भरी थी.

6600 घंटे से ज्यादा उड़ान भर चुका था प्लेन

एक अधिकारी ने बताया, "रेडबर्ड एयरवेज द्वारा संचालित यह विमान, बीचक्राफ्ट सी90ए (किंग एयर) ट्विन-टर्बोप्रॉप (पंजीकृत संख्या VT-AJV), 1987 में बनाया गया था. दुर्घटना के समय तक ये विमान लगभग 6,610 घंटे की उड़ान भर चुका था." अधिकारी ने आगे बताया कि इन आंकड़ों के अनुसार, विमान का अत्यधिक उपयोग नहीं किया गया था.

उन्होंने बताया, "इसमें पी एंड डब्ल्यू पीटी6ए-21 इंजन लगे थे और इसके बाएं इंजन ने लगभग 2,900 घंटे और दाएं इंजन ने लगभग 2,800 घंटे की उड़ान भरी थी."
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि, "दोनों प्रोपेलर लगभग 2,500 घंटे चल चुके थे, और इसका नवीनतम एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (ARC) इसी वर्ष 21 जनवरी को जारी किया गया था और एक वर्ष के लिए वैध था."

कब और कैसे हुआ हादसा?

दरअसल, मंगलवार यानी 23 फरवरी की शाम करीब 7.11 बजे विमान ने रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरी. लेकिन उड़ान भरने के कुछ देर बाद विमान का संपर्क एटीसी से टूट गया. एक अधिकारी के मुताबिक, चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद मौसम संबंधी कारणों से उड़ान मार्ग में बदलाव की अनुमति मांगी थी. उन्होंने कहा, "उड़ान भरने के लगभग 23 मिनट बाद संचार और रडार संपर्क टूट गया. विमान बाद में चतरा जिले के सिमरिया के पास एक वन क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया."

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विमान में नहीं था ब्लैकबॉक्स

दुर्घटनाग्रस्त विमान का अधिकतम उड़ान भार 4,583 किलोग्राम था, और इसमें ब्लैक बॉक्स नहीं था, यानी इसमें कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) या डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) नहीं था. अधिकारी ने बताया कि, "इस विमान में नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं (CAR) के अनुसार CVR और FDR स्थापित नहीं किए गए थे. विमान का पहला वायुयोग्यता प्रमाणपत्र (C of A) 1987 में जारी किया गया था. इसके मूल प्रमाणीकरण के समय CVR या FDR स्थापित करने की कोई अनिवार्य नियामक आवश्यकता नहीं थी."

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