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air ambulance
झारखंड के चतरा में सिमरिया के पास 23 फरवरी यानी सोमवार को रांची से दिल्ली जाते वक्त एयर एंबुलेंस के क्रैश होने के मामले में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. केस से जुड़े अफसरों के अनुसार, प्लेन में ब्लैक बॉक्स गायब है. इससे घटना के कारणों का पता लगाने में काफी परेशानी आ सकती है. विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो चुकी है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नागरिक उड्डयन नियमों के अनुसार, 5,700 किलोग्राम से कम वजन वाले विमान के लिए कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) या फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) जरूरी नहीं है. एक एक्सपर्ट की मानें तो एयर ट्रैफिक कंट्रोल से कम्युनिकेशन, मलबे का विश्लेषण और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से हादसे के कारणों की जांच की जाने वाली है.
क्यों उठ रहे सवाल
एक अधिकारी ने जानकारी दी कि जिन पहलुओं की जांच हो रही है, उनमें से एक यह है कि क्या विमान में खराब मौसम रडार लगा था. इसके कारण विमान सी 90 किंग एयर अपने तय रूट से भटक गया. एयर इंडिया और इंडिगो की ओर से संचालित दो उड़ानों को इससे पहले इसी रूट पर खराब मौसम की मार झेलना पड़ा था. उन्होंने इससे बचने को लेकर रूट बदलने की अपील की थी.
अधिकारियों ने क्या बताया
एक अधिकारी ने बताया कि इस बात की जांच हो रही है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान का मौसम रडार ठीक था या नहीं. पता लगाने का प्रयास हो रहा है कि चालक दल ने रडार पर दिखाई दे रहे हालात को गलत समझा या रडार में ही किसी तरह की खराबी थी.
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