News Nation Logo

Corona Vaccine: बंदरों के बाद चूहों पर भी कामयाब रहा मॉडर्ना का टीका, जानें कब बाजार में आएगी वैक्सीन

मॉडर्ना द्वारा विकसित टीका बंदरों के बाद अब चूहों की सार्स कोव-2 संक्रमण से रक्षा करने में कामयाब रहा है. यही विषाणु कोविड-19 की वजह है.

News Nation Bureau | Edited By : Dalchand Kumar | Updated on: 07 Aug 2020, 10:15:52 AM
vaccine

चूहों पर कामयाब रहा मॉडर्ना का टीका, जानें कब बाजार में आएगी वैक्सीन (Photo Credit: फाइल फोटो)

वाशिंगटन:

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (Coronavirus) के टीके की दिशा में अमेरिका की जैव प्रौद्योगिकी कंपनी मॉडर्ना को एक और कामयाबी मिली है. मॉडर्ना द्वारा विकसित टीका बंदरों के बाद अब चूहों की सार्स कोव-2 संक्रमण से रक्षा करने में कामयाब रहा है. यही विषाणु कोविड-19 की वजह है. अब इस वैक्सीन का बड़ा मानव परीक्षण भी चल रहा है, जिसमें 30 हजार लोग शामिल हैं. ट्रायल के तीसरे चरण में वैक्सीन (Vaccine) के प्रभाव और सुरक्षा की जांच की होगी. इसके बाद नवंबर या दिसंबर में यह वैक्सीन बाजार में आ सकती है.

यह भी पढ़ें: चीन पर वीडियो स्ट्राइक: Google के इस कदम से ड्रैगन को लगा तगड़ा झटका

पत्रिका ‘नेचर’ में बुधवार को प्रकाशित एक अनुसंधान रिपोर्ट के अनुसार, एमआरएनए-1273 नाम के टीके ने चूहों में विषाणु को निष्क्रिय करने वाली एंटीबॉडीज उत्पन्न कर दीं. रिपोर्ट के अनुसार, चूहों को एक माइक्रोग्राम के दो इंट्रामस्क्युलर इंजेक्शन दिए गए थे. अतिरिक्त प्रयोग करने पर पाया गया कि चूहों को एमआरएनए-1273 का एक एमसीजी या 10 एमसीजी टीका देने पर फेफड़े को संक्रमण से सुरक्षा मिली. अध्ययन में पाया गया कि इस टीके ने चूहों में मजबूत सीडी8 टी-कोशिका प्रतिक्रिया भी पैदा की.

कुछ दिन पहले इस वैक्सीन का बंदरों पर भी ट्रायल किया गया था, जिसमें बेहतर परिणाम देखने को मिला था. कोविड-19 की रोकथाम के लिए अमेरिकी जैव प्रौद्योगिकी कंपनी द्वारा विकसित टीका बंदरों में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में प्रभावी साबित हुआ था. एमआरएनए-1273 नाम के इस टीके को मॉडर्ना और अमेरिका के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इन्फेक्शस डिसीज के वैज्ञानिकों ने मिलकर तैयार किया है.

यह भी पढ़ें: ट्रंप ने Tik Tok को लेकर उठाया बड़ा कदम, चीनी कंपनी के साथ अमेरिकी लेन-देन पर रोक

बंदरों पर किए गए इस टीके के परीक्षण परिणाम ‘न्यू इंग्लैण्ड जर्नल ऑफ मेडिसिन’ में प्रकाशित हुए थे. इस अनुसंधान में शामिल 8 बंदरों को तीन समूहों में बांटकर 10 या 100 माइक्रोग्राम के दो इंजेक्शन दिए गए थे. अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि टीका मिलने के बाद बंदरों में सार्स-कोव-2 को नियंत्रित करने वाली एंटीबॉडी काफी संख्या में उत्पन्न हो गईं.

आपको यह भी बताना जरूरी है कि वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस मामलों की कुल संख्या 1.9 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है, वहीं मौतों की संख्या बढ़कर 713,000 से अधिक हो गई है. अमेरिका अब भी दुनिया में सबसे अधिक कोरोना प्रभावित देश बना हुआ है. यहां 48,81,974 मामले और 1,60,090 मौतें दर्ज हो चुकी हैं. इसके बाद ब्राजील 29,12,212 मामलों और 98,493 मौतों के साथ दूसरे स्थान पर है. संक्रमण के मामलों की बात करें तो भारत 19,64,536 संख्या के साथ तीसरे नंबर पर है.

LIVE TV NN

NS

NS

First Published : 07 Aug 2020, 10:14:27 AM

For all the Latest Health News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.