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Manoj Bajpayee on Suashant Singh: नेगेटिव पब्लिसिटी से परेशान थे सुशांत सिंह राजपूत, मनोज बाजपेयी ने खोले कई राज

मनोज बाजपेयी ने बताया कि सुशांत सिंह राजपूत बहुत सेंसिटिव इंसान थे. वो अपने खिलाफ किए गए नेगेटिव कमेंट्स से भी परेशान हो जाते थे.

Updated on: 13 May 2024, 09:31 PM

नई दिल्ली:

Manoj Bajpayee on Suashant Singh: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मनोज बाजपेयी इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म भैया जी (Bhaiyaa Ji) को लेकर चर्चा में हैं. इसमें एक्टर एक देसी गैंगस्टर का रोल प्ले कर रहे हैं. प्रमोशन के बीच मनोज बाजपेयी ने एक इंटरव्यू में दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत को याद किया. उन्होंने बताया कि सुशांत बॉलीवुड में मौजूद गुटबाजी और ब्लाइंड मीडिया पब्लिसिटी से काफी परेशान थे. एक्टर ने सुशांत से हुई अपनी आखिरी बातचीत का जिक्र किया है. इसमें मनोज बाजपेयी ने सुशांत को एक बेहतरीन और सेंसिटिव इंसान भी बताया है. 

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ब्लाइंड आर्टिकल और नेगेटिव मीडिया से परेशान थे सुशांत
सिद्धार्थ कनन के साथ बातचीत में मनोज बाजपेयी ने बताया कि सुशांत सिंह राजपूत नेगेटिव मीडिया कवरेज को लेकर काफी परेशान रहता था. एक्टर ने कहा, सुशांत के लिए बॉलीवुड में ऊंचे पदों पर बैठे लोगों को संभालना मुश्किल हो गया था. जब ब्लाइंड आर्टिकल्स की बात आती थी तो सुशांत इस मामले में बहुत कमजोर था. वह बहुत अच्छा इंसान था और एक अच्छा इंसान ही इन चीजों से प्रभावित हो सकता है. वह अक्सर मेरे पास आता और पूछता था इन चीजों से कैसे निपटना है, मैं उससे कहता था वह इन चीजों को गंभीरता से न लें क्योंकि मैं पहले भी ऐसी स्थितियों से गुजर चुका हूं और मैं अब भी अपने खिलाफ ऐसे लेखों का खामियाजा भुगत रहा हूं.'

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मनोज बाजपेयी ने दी ये सीख
मनोज बाजपेयी बताते हैं कि उन्होंने सुशांत को अच्छी सीख दी लेकिन वो नेकदिल इंसान थे. उन्होंने बताया कि, मैंने सुशांत को समझाया कि जो लोग पावर में हैं या जिनकी फिल्में अच्छी चल रही हैं उनको कैसे हैंडल करना है. मैं तो ऐसे लोगों को अच्छा सबक सिखाता हूं जो मेरे खिलाफ नेगेटिव बोलते हैं. उन्होंने कहा कि, मैंने उसे बताया कि मैं अपने दोस्तों को भेजता हूं उनके पास बात करने जो उसको धमकाकर आते हैं. मैं बोलता हूं मैं आउंगा और तुझको वहीं पीटूंगा. बस ये जरूरी है कि मैसेज पहुंच जाता है. ये बात सुनकर सुशांत हंसता था और कहता था कि ये सिर्फ आप ही कर सकते हो, मैं तो नहीं कर सकता." 

मनोज बाजपेयी आगे कहते हैं कि सुशांत बहुत ही बुद्धिमान और समझदार था. साथ ही वो सेन्सटिव भी था. छोटी-छोटी नेगेटिव बातों को दिल पर ले लेता था. उसे अपने खिलाफ होने वाली नेगेटिव मार्केटिंग से बहुत फर्क पड़ा था.