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लोकसभा चुनाव

असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने बढ़ाई महागठबंधन (Mahagathbandhan) की टेंशन, बिहार चुनाव (BIhar Election) में देखने वाली होगी जंग

Bihar Assembly Election : AIMIM (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन) नेता असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार में मुस्‍लिम बहुल 32 सीटों पर प्रत्‍याशी उतारकर पहले से ही मुश्‍किलें झेल रहे महागठबंधन को और मुश्‍किल में डाल दिया है.

Updated on: 12 Jun 2020, 10:44 AM

नई दिल्ली:

AIMIM (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन) नेता असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने बिहार में मुस्‍लिम बहुल 32 सीटों पर प्रत्‍याशी उतारकर पहले से ही मुश्‍किलें झेल रहे महागठबंधन को और मुश्‍किल में डाल दिया है. इन 32 सीटों में से अधिकांश पर अभी महागठबंधन का कब्‍जा है. साल भर पहले ही AIMIM ने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की खाली हुई सीट पर हुए उपचुनाव में जीत हासिल कर बिहार में खाता खोला था और 32 मुस्‍लिम बहुल सीटों पर प्रत्‍याशी उतारकर असदुद्दीन ओवैसी ने अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं. हालांकि महागठबंधन के दलों का कहना है कि असदुद्दीन ओवैसी बीजेपी की बी टीम हैं, लेकिन केवल ऐसा कहने से उनकी राह आसान नहीं होने वाली है.

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गठबंधन की उम्‍मीद कम

प्रत्‍याशियों की घोषणा करने के बाद AIMIM ने दावा किया था कि समान विचारधारा वाले दलों से समझौते का उसका विकल्‍प खुला हुआ है, लेकिन AIMIM ने राजग के 15 साल बनाम राजद के 15 साल बनाम कांग्रेस के 40 साल के शासनकाल को मुद्दा बनाया है. ऐसे में जाहिर है कि ओवैसी की पार्टी महागठबंधन के साथ नहीं जाएगी. AIMIM राजग से भी उतनी ही दूरी रखेगी, जितना महागठबंधन से. पार्टी का कहना है कि हमारी लड़ाई उन दलों से है, जिन्होंने अकलियतों को डराकर वोट लिया.

जीतनराम मांझी की सीट पर भी किया दावा

पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतनराम मांझी की पार्टी हिंदुस्‍तान आवाम मोर्चा (हम) की ओर से कुछ दिनों पहले तक AIMIM से गठबंधन की कोशिशें चल रही थीं, लेकिन जीतन राम मांझी की सीट इमामगंज पर भी दावा करके AIMIM ने साफ कर दिया है कि अभी वह किसी भी तरह के मरौव्‍वत के मूड में नहीं है.

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आसान नहीं AIMIM की राह

जिन सीटों पर AIMIM ने प्रत्‍याशी उतारे हैं, उनमें से कई पर मुसलमानों की आबादी 40 से 70% तक है. 32 सीटों में से 10 सीटों पर अभी मुस्लिम विधायक हैं, जिनमें से 7 राजद, 2 कांग्रेस और 1 माले के हैं. ऐसे में मुकाबला होने पर ओवैसी की पार्टी को इन मुस्‍लिम विधायकों को हराने के लिए प्रचार करना होगा.

अभी इनके कब्‍जे में हैं 32 सीटें

  • राजद : ढाका, रघुनाथपुर, बरौली, साहेबपुर कमाल, शाहपुर, बरारी, बायसी, जोकीहाट, केवटी, समस्तीपुर, बिस्फी, झंझारपुर, साहेबगंज, महुआ और मखदुमपुर
  • कांग्रेस : वजीरगंज, कदवा, अमौर, बेतिया, नरकटियागंज, कहलगांव और औरंगाबाद
  • जदयू : सिमरी बख्तियारपुर, बाजपट्टी, फुलवारी और दारौंदा
  • भाजपा : चैनपुर, रामनगर, परिहार
  • अन्य : इमामगंज- हम, बोचहा - निर्दलीय, बलरामपुर - माले

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इन सीटों पर चुनाव लड़ेगी ओवैसी की पार्टी

  • पश्चिम चंपारण में दो- बेतिया और रामनगर (आरक्षित)
  • मोतिहारी में दो- ढाका और नरकटियागंज
  • सीतामढ़ी में दो- परिहार और बाजपट्टी
  • पटना में फुलवारी (आरक्षित)
  • सिवान में दो- रघुनाथपुर और दरौंधा
  • गोपालगंज में बरौली
  • बेगूसराय में साहेबपुरकमाल
  • भागलपुर में कहलगांव
  • खगड़िया में सिमरी बख्तियारपुर
  • आरा में एक शाहपुर विधानसभा
  • जहानाबाद में मखदुमपुर
  • गया में दो- इमामगंज और वजीरगंज
  • औरंगाबाद
  • कैमूर में चैनपुर
  • कटिहार में तीन-बलरामपुर, बरारी और कदवा
  • पूर्णिया में दो- अमौर और बायसी
  • अररिया में जोकीहाट
  • दरभंगा में केवटी
  • समस्तीपुर
  • मधुबनी में दो- बिस्फी और झंझारपुर
  • मुजफ्फरपुर में दो बौचहा(आरक्षित) और साहेबगंज
  • वैशाली में महुआ