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बिजनेस शुरू करने के लिए आर्थिक मदद करती है मोदी सरकार, जानिए आप कैसे उठा सकते हैं फायदा

केंद्र की नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार ऐसे युवाओं के लिए जो अपना खुद का कोई बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, PMEGP योजना के जरिए उनकी मदद करती है.

News Nation Bureau | Edited By : Dhirendra Kumar | Updated on: 03 Oct 2020, 01:50:38 PM
Prime Ministers Employment Generation Programme PMEGP

Prime Ministers Employment Generation Programme-PMEGP (Photo Credit: newsnation)

नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (Prime Minister’s Employment Generation Programme-PMEGP): अगर आपके पास काम करने के लिए कोई खास तरह का कौशल है तो यह खबर सिर्फ और सिर्फ आपके लिए ही है. दरअसल, केंद्र की नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार ऐसे युवाओं के लिए जो अपना खुद का कोई बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, PMEGP योजना के जरिए उनकी मदद करती है. यह योजना ग्रामीण और शहरी इलाकों के युवाओं को स्वयं का रोजगार शुरू करने में मदद करती है.

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लोन पर सब्सिडी देती है सरकार
सरकार का उद्देश्य इस योजना के जरिए युवाओं का गांवों से शहरों की ओर होने वाले पलायन को रोकना है. सरकार इस योजना के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर हुनरमंद लोगों की मदद करती है. PMEGP एक क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी प्रोग्राम (credit linked subsidy programme) है जिसके तहत सरकार लोन के ऊपर सब्सिडी देती है. मतलब यह कि सरकार आपके द्वारा लिए गए लोन का कुछ हिस्सा सरकार चुकाती है.

कब हुई थी योजना की शुरुआत
भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) के जरिए इस योजना का संचालन किया जाता है. गौरतलब है कि 15 अगस्त 2008 को इस योजना को शुरू किया गया था. खादी एवं ग्राम उद्योग आयोग (KVIC) इस योजना की नोडल एजेंसी है. KVIC राज्यों में राज्य खादी एवं ग्राम उद्योग निदेशालय (State Khadi and Village Industries Board), जिला उद्योग केंद्र (District Industries Centres) और बैंक और गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं (Banks and NBFCs) के जरिए युवाओं को रोजगार स्थापित करने में सहायता करता है.

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कितनी मिलती है आर्थिक सहायता
इस योजना के अंतर्गत उत्पादन (Manufacturing) आधारित इंडस्ट्री स्थापित करने के लिए अधिकतम 25 लाख रुपये तक का कारोबार स्थापित किया जा सकता है. वहीं बिजनेस या सेवा क्षेत्र (Business/Service) आधारित बिजनेस के लिए 10 लाख रुपये तक का कर्ज मिलता है. इस योजना की सबसे खास बात यह है कि स्वीकृत किए गए कर्ज का कुछ हिस्सा सरकार और शेष को बैंक की ओर से टर्म लोन के रूप में मिलता है. सरकार की ओर से शहरी क्षेत्र के सामान्य आवेदकों को 15 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्र के सामान्य आवेदकों को 25 फीसदी भुगतान दिया जाता है. शहरी क्षेत्र के पिछड़े आवेदकों (महिला/ SC/ST/OBC/अल्पसंख्यक/शारीरिक विकलांग/Ex-servicemen) को 25 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्र के पिछड़े आवेदकों को 35 फीसदी भुगतान दिया जाता है.

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PMEGP के लिए कौन कर सकता है अप्लाई
18 वर्ष से अधिक उम्र का कोई भी भारतीय नागरिक PMEGP के तहत कर्ज के लिए आवेदन कर सकता है. हालांकि इसमें एक परिवार से सिर्फ एक ही व्यक्ति इस योजना का लाभ उठा सकता है. एक परिवार में सिर्फ पति और पत्नी को ही शामिल किया जाएगा. माता-पिता, पुत्र या पुत्रियों को शामिल नहीं किया जाता. 10 लाख रुपये से अधिक की उत्पादन यूनिट लगाने के लिए आवेदक को कक्षा 8 पास होना अनिवार्य है, जबकि 5 लाख रुपये की यूनिट के लिए 8 पास होना जरूरी है.

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किस तरह के कारोबार को कर सकते हैं शुरू
कृषि उत्पादों पर आधारित फूड प्रोसेसिंग, वन उत्पादों पर आधारित कारोबार, मिनरल या खनिज आधारित उत्पाद, पॉलिमर और रासायनिक आधारित उत्पाद, रूरल इंजीनिएरिंग और बायोटेक बिजनेस, हाथों से बनाए जाने वाले कागज एवं फाइबर के प्रोडक्ट, सूत या कपड़ा टेक्सटाइल आधारित बिजनेस, सर्विस सेक्टर और सेवाक्षेत्र से जुड़े बिजनेस में हाथ आजमा सकते हैं.

First Published : 03 Oct 2020, 01:50:38 PM

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