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गोल्ड बांड डिजिटल भुगतान कर पाए 50 रुपए की प्रति ग्राम छूट

ऑनलाइन आवेदन करने और डिजिटल मोड के माध्यम से भुगतान करने वाले निवेशकों को 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट देगी.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 10 Jan 2021, 10:24:52 AM
Nirmala Sitharaman

आरबीआई के गोल्ड बांड में डिजिटल भुगतान पर छूट. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

नई दिल्ली:

सरकार अपनी गोल्ड बॉन्ड योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करने और डिजिटल मोड के माध्यम से भुगतान करने वाले निवेशकों को 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट देगी. वित्त मंत्रालय के एक बयान के अनुसार सब्सक्रिप्शन के लिए डिजिट मोड का उपयोग करने वाले निवेशकों के लिए, सोने के बॉन्ड की कीमत 5,054 रुपये प्रति ग्राम होगी. अन्यथा सदस्यता अवधि के दौरान बॉन्ड का निर्गम मूल्य 5,104 रुपये प्रति ग्राम होगा.

बांड की कीमत
इस बार बांड की कीमत 5,104 रुपये प्रति ग्राम रखी गयी है. इससे पिछली श्रृंखला के गोल्ड बांड की कीमत 5,000 रुपये प्रति ग्राम थी. सरकार ने सॉवरिन गोल्ड बांड स्कीम 2020-21 की 9वीं श्रृंखला के बांड 28 दिसंबर 2020 से 1 जनवरी 2021 के बीच जारी किए थे.

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डिजिटल भुगतान में फायदा
यदि निवेशक बांड की खरीद के लिए डिजिटल भुगतान करते हैं तो उन्हें प्रति ग्राम 50 रुपये की छूट मिलेगी. इस प्रकार उनके लिए गोल्ड बांड का मूल्य 5,104 रुपये के मुकाबले घटकर 5,054 रुपये प्रति ग्राम रह जाएगा. इसके तहत बांड खरीदने वाले निवेशकों को सोने की कीमत के अनुरूप रिटर्न मिलता है. साथ ही निर्गम मूल्य पर सालाना 2.5 प्रतिशत का ब्याज भी देय होता है.

कहां से खरीदें बांड
लगभग सभी कमर्शियल बैंक गोल्ड बांड जारी करते हैं. निवेशक उन बैंक की शाखा या ऑनलाइन माध्यम से इसकी खरीद कर सकते हैं. इसके अलावा शेयर बाजारों, बीएसई, एनएसई, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की शाखाओं और चुनिंदा डाकघरों से भी इनकी खरीद की जा सकती है.

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कौन-कौन खरीद सकता है
आम लोगों के अलावा, ट्रस्ट, चैरिटेबल ट्रस्ट, विश्वविद्यालय और अविभाजित हिंदू परिवार (एचयूएफ) इस बांड में निवेश कर सकते हैं. देश में गोल्ड बांड को सरकार की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक जारी करता है. रिजर्व बैंक पूरे वित्त वर्ष दौरान कई श्रृंखलाओं में इन्हें जारी करता है.

क्यों लायी गई योजना
हमारे देश में लोगों को सोने में निवेश करना बहुत पसंद है, लेकिन हम सोने का उत्पादन नहीं करते, बल्कि बड़ी मात्रा में इसका आयात करते हैं. इससे देश के खजाने पर बोझ पड़ता है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 2015 में सॉवरिन गोल्ड बांड स्कीम पेश की थी, ताकि लोगों के पास फिजिकल गोल्ड में निवेश का विकल्प उपलब्ध हो.

First Published : 10 Jan 2021, 10:24:52 AM

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