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कृषि कानून के नाम पर किसानों को भड़काया जा रहा : अठावले

कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों का आंदोलन आज 46वें दिन में प्रवेश कर गया है. दिल्ली की सीमाओं पर किसान डेरा डाले हुए हैं. वह इन तीनों कानूनों को रद्द किए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Dalchand Kumar | Updated on: 10 Jan 2021, 11:27:01 PM
Ramdas Athawale on farmer protest

किसान आंदोलन (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों का आंदोलन आज 46वें दिन में प्रवेश कर गया है. दिल्ली की सीमाओं पर किसान डेरा डाले हुए हैं. वह इन तीनों कानूनों को रद्द किए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं. इससे नीचे वह सरकार के किसी प्रस्ताव को मानने को तैयार नहीं हैं. सरकार की ओर से कानूनों में संसोधन की बात भी कही जा रही है, लेकिन इन्हें वापस लेने पक्ष में नहीं है. ऐसे में दोनों के बीच डैड लॉक की स्थिति बनी हुई है. दोनों अपने अपने रूख पर अड़े हैं. वक्त के साथ किसानों ने अपने आंदोलन की रणनीति को भी बदल लिया है. बीते दिनों किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाला था तो बैठक करके किसान आगे की रणनीति बनाने में लगे हैं.

बात रखने का अधिकार है... विपक्षी दल चाहे कांग्रेस है या कम्युनिस्ट पार्टी के लोग हैं, वो ग़लतफहमी में न रहें, लोकतंत्र में विश्वास पैदा करें वरना लोग इन्हें सबक सिखा देंगे: हरियाणा CM मनोहर लाल खट्टर

आज हमने बैठक में 8 तारीख को सरकार के साथ होने वाली बैठक पर चर्चा की. हमारी मांग वही रहेगी कि सभी कृषि क़ानूनों को वापस लिया जाए. 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च में ज्यादा से ज्यादा ट्रैक्टर लाए जाएं, इसपर चर्चा हुई: भारतीय किसान यूनियन दोआब के अध्यक्ष मंजीत सिंह राय

इस मुद्दे पर किसानों को भड़काया जा रहा है. बहुत सारे किसान इन कृषि क़ानूनों के पक्ष में हैं. हमारा किसान नेताओं से कहना है कि 15 तारीख को कृषि मंत्री के साथ जो मुलाकात होने वाली है उसमें किसी कॉम्प्रोमाइजेशन फॉर्मूले पर विचार करने की आवश्यकता है: केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले

किसान विरोधी क़ानून के खिलाफ हम किसानों के साथ मजबूती से खड़े हैं : तेजस्वी यादव, RJD

गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के सम्मान में 'संयुक्त किसान मंच' के तत्वाधान में किसान केसरी दंगल का आयोजन किया गया. किसानों के सम्मान में आयोजित इस कुश्ती दंगल में करीब 50 महिला पहलवान और पुरूष पहलवान शामिल हुए.

गाजीपुर बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बॉर्डर पर दंगल का आयोजन किया.


करनाल में किसानों को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया.

हरियाणा के करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज किया गया है. करनाल में मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कार्यक्रम था, जहां किसान विरोध करने के लिए जा रहे थे. जब किसान नहीं रुके तो पुलिस ने लाठी चार्ज किया है. 

चिल्ला बॉर्डर पर लगातार किसानों के प्रोटेस्ट का दायरा बढ़ रहा. चिल्ला बॉर्डर पर आज फिरोजाबाद से भी कई लोग पहुंचे हैं, इनमें कई महिलाएं भी शामिल हैं. किसानों का कहना है कि सरकार से कोई उम्मीद नहीं है, बातचीत से कुछ नहीं होने वाला. सरकार सीधे तौर पर तीनों बिल वापस ले ले, तभी किसान अपने घर जाएंगे.

पंजाब किसान संगठनों की बैठक शुरू हो गई है. इसके बाद आज 12 बजे संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक होगी. बैठक में किसान आंदोलन तेज करने और 26 जनवरी के दिल्ली मार्च कार्यक्रम पर चर्चा.

आज गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के सम्मान के लिए आंदोलन के बीच आज किसान केसरी दंगल का आयोजन किया जा रहा है.

सिंघु बॉर्डर पर आज दोपहर 12 बजे संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक होगी. इस दौरान 15 जनवरी को होने वाली बैठक को लेकर रणनीति बनाई जाएगी. 

15 जनवरी को किसानों और सरकार के बीच 9वें दौर बैठक होगी. उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में कोई नजीता निकल सकता है.

किसानों और सरकार के बीच अब तक 8 दौर की बातचीत हो चुकी है, मगर मसले का कोई हल नहीं निकल पाया है.

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है. दिल्ली की अलग अलग सीमाओं में हजारों की संख्या में बैठे किसानों के आंदोलन का आज 46वां दिन है.

First Published : 10 Jan 2021, 07:03:58 AM

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