Zorain Nizamani कौन हैं? जिन्होंने दुनिया के सामने खोली पाकिस्तान की 'पोल', Gen Z पर जबरन देशप्रेम थोपे जाने का किया 'खुलासा'

Zorain Nizamani: जोरैन पाकिस्तान के मशहूर शोबिज कपल के बेटे हैं. उनके पिता कैसर खान निजामानी प्रसिद्ध एक्टर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और हाई कोर्ट एडवोकेट हैं.

Zorain Nizamani: जोरैन पाकिस्तान के मशहूर शोबिज कपल के बेटे हैं. उनके पिता कैसर खान निजामानी प्रसिद्ध एक्टर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और हाई कोर्ट एडवोकेट हैं.

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Amit Kasana
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जोरैन निजामानी अपने माता-पिता के साथ

Who is pakistani Zorain Nizamani: नए साल पर जोरैन निजामानी पाकिस्तान की युवा पीढ़ी की नई आवाज बनकर उभरे हैं. पाकिस्तानी मूल के जौरेन फिलहाल अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ अर्कांसास एट लिटिल रॉक में क्रिमिनोलॉजी से पीएचडी कर रहे हैं. उन्होंने ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्ट लंदन से LLB की पढ़ाई की है और अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस में 4 साल काम भी कर चुके हैं. 

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दरअसल, जौरेन का एक लेख इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है, जो 1 जनवरी 2026 को प्रकाशित हुआ था और उसे कुछ घंटों में ही सोशल मीडिया से हटवा दिया गया. जोरैन का जन्म पाकिस्तान के कराची में हुआ और यहीं उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की.

Zorain Nizamani कौन हैं? 

जोरैन पाकिस्तान के मशहूर शोबिज कपल के बेटे हैं. उनके पिता कैसर खान निजामानी प्रसिद्ध एक्टर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और हाई कोर्ट एडवोकेट हैं, जिन्हें 2018 में प्राइड ऑफ परफॉर्मेंस अवॉर्ड मिला था. वहीं, उनकी मां फजिला काजी या फजिला कैसर 90 के दशक की पॉपुलर एक्ट्रेस रह चुकी हैं, जिन्होंने 'रोजी' जैसे क्लासिक ड्रामों से लेकर हालिया हिट्स जैसे 'तेरे बिन' तक में काम किया है. 

जोरैन निजामानी का वायरल आर्टिकल

इंटरनेट की पहुंच ने युवाओं को वास्तविकता से अवगत कराया 

जानकारी के अनुसार जौरेन का लेख अंग्रेजी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून में प्रकाशित हुआ था. लेख का शीर्षक था ‘It Is Over’. बताया जा रहा है कि जोरैन ने इस लेख में पाकिस्तान के संदर्भ में लिखा कि देश प्रेम स्कूल-कॉलेजों में भाषणों या सेमिनारों से नहीं पैदा होता, बल्कि तब स्वाभाविक रूप से उभरता है जब नागरिकों को बराबर अवसर, मजबूत ढांचा और उनके अधिकार मिलते हैं. उन्होंने आगे लिखा कि इंटरनेट की पहुंच ने युवाओं को वास्तविकता से अवगत कराया है, जिससे वे सत्ता की कोशिशों को आसानी से देख लेते हैं. कई युवा डर की वजह से चुप रहते हैं, लेकिन निराश होकर देश छोड़ने का रास्ता चुन रहे हैं. बताया जा रहा है कि पाक सरकार को ये लेख रास नहीं आया और उसे सोशल मीडिया से हटवा दिया गया. 

पाकिस्तान में जौरेन के लेख पर इस सेंसरशिप का उलटा असर

पाकिस्तान में जौरेन के लेख पर इस सेंसरशिप का उलटा असर हुआ. इस विवादास्पद लेख के स्क्रीनशॉट्स सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए. जिससे कुछ घंटों में ही यह पाकिस्तान के सबसे चर्चित मुद्दों में शुमार हो गए. लोगों ने सोशल मीडिया पर जमकर इस लेख के सपोर्ट में कमेंट किया. नेटिजन्स ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया. लोगों ने कहा कि ये आम जनता की संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है.  पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई के कनाडा विंग ने कहा कि लेख को हटाना ही इसकी सच्चाई साबित करता है. 

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