क्या ट्रंप टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भारत पर होगा असर? कितना होगा फायदा

अमेरिका में मध्यावधि चुनावों से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. अदालत ने राष्ट्रीय आपातकाल से जुड़े कानून के तहत लगाए गए व्यापक टैरिफ को अमान्य कर दिया.

अमेरिका में मध्यावधि चुनावों से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. अदालत ने राष्ट्रीय आपातकाल से जुड़े कानून के तहत लगाए गए व्यापक टैरिफ को अमान्य कर दिया.

author-image
Dheeraj Sharma
New Update
Donald Trump On Tarrif

अमेरिका में मध्यावधि चुनावों से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. अदालत ने राष्ट्रीय आपातकाल से जुड़े कानून के तहत लगाए गए व्यापक टैरिफ को अमान्य कर दिया. कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रपति को मनमाने तरीके से इतने बड़े पैमाने पर टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है.

Advertisment

यह फैसला न केवल अमेरिकी राजनीतिक परिदृश्य में हलचल मचाने वाला है, बल्कि वैश्विक व्यापार, खासकर भारत-अमेरिका संबंधों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद राष्ट्रपति द्वारा IEEPA कानून के तहत लगाए गए टैरिफ प्रभावहीन हो गए हैं. इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है. इंजीनियरिंग उत्पाद, ऑटो पार्ट्स, रसायन, टेक्सटाइल और जेम्स-ज्वेलरी जैसे क्षेत्रों को अचानक बढ़े टैरिफ का सामना करना पड़ रहा था.

अब व्यापारिक अस्थिरता का खतरा घटेगा और अमेरिकी बाजार में कारोबार करने की स्थिति अधिक स्पष्ट और अनुमानित होगी. विशेषज्ञों का मानना है कि जिन कंपनियों ने पहले भारी टैरिफ अदा किए थे, उन्हें रिफंड की संभावना भी बन सकती है, हालांकि इसका अंतिम स्वरूप अमेरिकी प्रशासन के दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेगा.

बातचीत के लिए बेहतर माहौल

अदालत के फैसले से अमेरिका की टैरिफ नीति दोबारा कांग्रेस की निगरानी वाले ढांचे में आ गई है. अब किसी भी बड़े टैरिफ से पहले जांच, सार्वजनिक चर्चा और कानूनी प्रक्रिया का पालन अनिवार्य होगा.

भारत के लिए यह स्थिति अनुकूल है, क्योंकि अब व्यापार वार्ताएं अधिक संरचित और पारदर्शी माहौल में होंगी. उत्पाद-विशेष छूट या राहत की मांग करना आसान हो सकता है. हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने भारत पर कुछ टैरिफ घटाने और अंतरिम व्यापार समझौते की दिशा में संकेत भी दिए थे, जिससे द्विपक्षीय संबंधों में नरमी दिखी थी.

स्टील और एल्युमीनियम पर असर नहीं

हालांकि यह फैसला ट्रेड एक्सपैंशन एक्ट 1962 के सेक्शन 232 के तहत लगाए गए टैरिफ पर लागू नहीं होगा. इसका मतलब है कि स्टील, एल्युमीनियम और कुछ ऑटोमोबाइल उत्पादों पर पहले से लागू शुल्क जारी रहेंगे.

अन्य देशों को भी फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन, कनाडा और मैक्सिको जैसे देशों को भी इस फैसले से राहत मिलेगी, क्योंकि उन पर भी भारी टैरिफ लगाए गए थे. कुल मिलाकर, यह निर्णय वैश्विक व्यापार में स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. भारत के लिए यह अवसर है कि वह बदलते वैश्विक सप्लाई चेन परिदृश्य में अपनी भूमिका मजबूत करे और निर्यात वृद्धि की नई संभावनाओं का लाभ उठाए. 

यह भी पढ़ें - अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बौखलाए डोनाल्ड ट्रंप, कहा- अब सभी देशों पर लगेगा 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ

World
Advertisment