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ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई के निधन के बाद देश राजनीतिक और धार्मिक मोर्चे पर असाधारण स्थिति का सामना कर रहा है. हमले के बाद से ही उत्तराधिकार और अंतिम संस्कार को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. हालांकि, ईरान की ओर से अब तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे रहस्य और गहरा गया है.
रिपोर्टों के मुताबिक, यह हमला तेहरान स्थित उनके आधिकारिक आवास पर हुआ. उस समय वे वरिष्ठ सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक में थे। हमले की तीव्रता इतनी अधिक बताई जा रही है कि मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई.
शव को लेकर अंतरराष्ट्रीय दावे
कुछ विदेशी मीडिया संस्थानों ने दावा किया है कि हमले के बाद उनके शव की तस्वीरें उच्च स्तर पर साझा की गईं. The New York Times और Khaleej Times जैसी संस्थाओं ने अलग-अलग स्रोतों के हवाले से कहा कि शव मलबे से निकाला गया और उसकी पुष्टि के लिए दस्तावेज तैयार किए गए.
इजराइल से जुड़े मीडिया प्लेटफॉर्म Kan ने यह भी दावा किया कि शुरुआती चरण में खुफिया एजेंसियों ने स्थिति का आकलन किया. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और ईरानी प्रशासन ने इस पर चुप्पी साध रखी है.
💔 Iran's supreme leader ayatollah Ali Khamenei's dead body. May Allah bless him with highest rank in Jannah.🥹 pic.twitter.com/oIbNJmKwtm
— GEO CONFLICTS (@aamir_khan_fan2) March 1, 2026
सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीर
वहीं सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है. इस तस्वीर में दावा किया जा रहा है कि जो शव है वो ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई का ही है. इस तस्वीर में आप देख सकते हैं कि अस्पताल में एक शव दिखाई दे रहा है जिसे एक दूसरे शख्स गले लगा रहा है. कमेंट में दावा है कि ये खामेनेई का ही शव है. हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है.
कहां होगा अंतिम संस्कार? तेहरान या मशहद
सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनका अंतिम संस्कार कहां होगा. एक मत के अनुसार, राजधानी तेहरान में राजकीय सम्मान के साथ उन्हें दफनाया जा सकता है. ईरान के पहले सुप्रीम लीडर खामेनेई को भी तेहरान के बेहश्त-ए ज़हरा कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया था.
दूसरी संभावना उनके गृहनगर मशाद की बताई जा रही है. यह शहर शिया समुदाय के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है, क्योंकि यहां 8वें इमाम अली इब्न मूसा अल रिदा का रौज़ा स्थित है. हाल के वर्षों में कई प्रमुख ईरानी नेताओं को भी यहीं दफनाया गया है.
क्या जंग के बाद होगा अंतिम संस्कार?
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए अंतिम संस्कार को टाला भी जा सकता है। अतीत में ऐसे उदाहरण रहे हैं जब सुरक्षा कारणों से अंतिम संस्कार में देरी की गई.
फिलहाल ईरान की प्राथमिकता नेतृत्व के उत्तराधिकारी का चयन और आंतरिक स्थिरता बनाए रखना है. जब तक आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर रहस्य और अटकलें बनी रहेंगी.
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