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ईरान इजराइल युद्ध Photograph: (NN)
अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में हड़कंप मच गया है. ईरान ने भी चुप बैठने के बजाय इजरायल समेत 8 देशों पर मिसाइलें दागकर जवाबी कार्रवाई की है. इस भारी तनाव को देखते हुए कई देशों ने अपनी उड़ानों पर रोक लगा दी है और एयर स्पेस को बंद कर दिया है.
ईरान की तरफ से सख्त चेतावनी आई है कि अब सिर्फ फौजी ठिकानों पर ही नहीं, बल्कि अमेरिका का साथ देने वाले देशों के रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया जाएगा. इस बीच दुनिया भर में एक ही सवाल गूंज रहा है कि ईरान के सबसे बड़े नेता, अयातुल्ला अली खामेनेई आखिर कहां हैं? खबरें हैं कि उनकी जान को खतरे को देखते हुए उन्हें किसी बेहद सुरक्षित और गुप्त जगह पर ले जाया गया है.
कौन हैं अयातुल्ला अली खामेनेई?
अली खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता हैं. उन्होंने इस्लामिक गणराज्य के संस्थापक Ruhollah Khomeini का स्थान लिया था. 1979 की क्रांति के बाद स्थापित शासन व्यवस्था में सर्वोच्च नेता को सरकार, सेना और न्यायपालिका पर अंतिम अधिकार प्राप्त है. 86 वर्षीय खामेनेई ने पश्चिमी देशों के साथ तनावपूर्ण संबंधों, कठोर आर्थिक प्रतिबंधों और घरेलू विरोध प्रदर्शनों के बीच सत्ता संभाली है. वे बार-बार कह चुके हैं कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है. उनकी शक्ति का आधार दो प्रमुख संस्थाएं मानी जाती हैं. Islamic Revolutionary Guard Corps और Basij.
आखिर खामेनेई कहां हैं?
रॉयटर्स के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है और वे संभवत तेहरान में मौजूद नहीं हैं. हालांकि आधिकारिक तौर पर उनके वर्तमान ठिकाने की पुष्टि नहीं की गई है.
क्या अमेरिका और इजराइल को खोज मारेंगे?
हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की नौसेना और मिसाइल ठिकानों को “पूरी तरह खत्म” करने की बात कही और ईरानी नागरिकों से सरकार के खिलाफ खड़े होने का आह्वान किया. वहीं, इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने संकेत दिया कि खामेनेई को निशाना बनाने का विकल्प खारिज नहीं किया गया है. वहीं इजराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने पहले बयान दिया था कि खामेनेई “अस्तित्व में नहीं रह सकते”.
क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स?
विश्लेषकों का मानना है कि हालिया हमले केवल सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राजनीतिक और सुरक्षा नेतृत्व को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं. इसे “डिकैपिटेशन स्ट्रैटेजी” के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य शीर्ष नेतृत्व को हटाकर शासन संरचना को अस्थिर करना होता है.
ऊपर दिए गए कंटेंट को समझना है और इस पर ऐसे हेडलाइन बनाना है कि आखिर युद्ध के बीच कहां पर सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई कहां पर छिपे हुए हैं. कम से कम पांच हेडलाइ बनाना है.
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