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इजराइल और ईरान तनाव Photograph: (NN)
इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव अब खुले सैन्य टकराव में बदलता दिखाई दे रहा है. ताजा घटनाक्रम में इजराइल की ओर से पहले हमले की खबर सामने आई, जिसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की. हालात इतने गंभीर हो गए कि कई इलाकों में लगातार सायरन बजने लगे और नागरिकों को बंकरों में शरण लेनी पड़ी. न्यूज़ नेशन के सीनियर रिपोर्टर मधुरेंद्र कुमार इजराइल स्थित ग्राउंड जीरो से घटनाओं को दिखा रहे हैं. वे ग्राउंड ज़ीरो से लाइव तस्वीरे से दिखा रहे हैं. वह अपनी जान बचाकर भागने पर मजबूर भी हुए. इस दौरान उन्होंने कई अहम जानकारी भी शेयर की है.
हाइफा पर बड़ा हमला
उत्तरी इजराइल के प्रमुख शहर हाइफा पर बड़ा हमला होने की पुष्टि हुई है. सुबह से अब तक यह तीसरा अलर्ट बताया जा रहा है. सायरन बजते ही लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए. मोबाइल अलर्ट सिस्टम सक्रिय हुआ और नागरिकों को तुरंत बंकर में जाने का निर्देश दिया गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमले के दौरान दहशत का माहौल था. सेफ जोन और बम शेल्टर में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए. इजराइल का एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय रहा, लेकिन हमलों की तीव्रता ने चिंता बढ़ा दी है.
ईरान की चेतावनी
ईरान ने अमेरिका के अरब सहयोगी देशों को कड़ी चेतावनी दी है. तेहरान का कहना है कि अगर उसके खिलाफ कार्रवाई जारी रही तो जवाब केवल सैन्य एयरबेस तक सीमित नहीं रहेगा. अन्य रणनीतिक ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है. ईरान पहले ही स्पष्ट कर चुका था कि वह अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम पर किसी तरह का समझौता नहीं करेगा. हालिया वार्ताओं में भी उसने यही रुख दोहराया था.
ट्रंप और नेतन्याहू की भूमिका पर बहस
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से इजराइल के साथ समन्वित कार्रवाई का संकेत दिया था. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे आत्मरक्षा के तहत उठाया गया कदम बताया है. डिफेंस एक्सपर्ट का मानना है कि यह संयुक्त ऑपरेशन पहले से तैयार ब्लूप्रिंट के तहत किया गया प्रतीत होता है. आलोचकों का कहना है कि एक ओर वार्ता चल रही थी, वहीं दूसरी ओर सैन्य तैयारी भी जारी थी.
बता दें कि ईरान के प्रॉक्सी नेटवर्क भी सक्रिय हो सकते हैं. लेबनान स्थित Hezbollah और यमन के Houthis पहले से ही इजराइल विरोधी रुख अपनाते रहे हैं. हालांकि इजराइल पिछले कुछ समय से इन समूहों की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए लगातार स्ट्राइक कर रहा था. इसके बावजूद क्षेत्र में मिसाइल और रॉकेट हमलों की आशंका बनी हुई है.
क्या यह प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक थी?
इजराइल का दावा है कि यह हमला सतर्कता और आत्मरक्षा के तहत किया गया. वहीं ईरान का आरोप है कि यह उकसावे की कार्रवाई है. रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि अगर किसी पक्ष ने पहले से खतरे का आकलन कर हमला किया, तो इसे प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक कहा जा सकता है.
फिलहाल क्षेत्र में तनाव चरम पर है. एयरस्पेस खाली कराए जाने और लगातार अलर्ट से संकेत मिलता है कि आने वाले 24 से 48 घंटे बेहद अहम हो सकते हैं. वैश्विक समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में बदलता है या कूटनीतिक प्रयास हालात को संभाल पाते हैं.
नीचे देखें इजराइल में क्या हो रहा है?
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