/newsnation/media/media_files/2026/01/04/nicolas-maduro-2026-01-04-06-51-51.jpg)
US-Venezuela Conflict: वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य स्ट्राइक के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर अमेरिका लाया गया है. भारतीय समयानुसार आज (4 जनवरी) सुबह मादुरो को लेकर एक अमेरिकी विमान न्यूयॉर्क पहुंचा. सामने आए एक वीडियो फुटेज के अनुसार एक व्यक्ति, जिसे मादुरो माना जा रहा है, विमान से उतरा. उसे कड़ी सुरक्षा में विमान की सीढ़ियों से नीचे लाया गया और दर्जनों संघीय एजेंटों के बीच रनवे पर ले जाया गया. इस दौरान मौके पर मौजूद कई एजेंट अपने मोबाइल फोन से इस पूरे दृश्य को रिकॉर्ड करते नजर आए.
Llegada de Maduro a New York! Esposado y encapuchado! pic.twitter.com/umeRKTlNVz
— Joel Riveron (@JoelRRiveron) January 3, 2026
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया था कि अमेरिका फिलहाल वेनेजुएला को अस्थायी रूप से संचालित करेगा. उन्होंने कहा कि वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों का इस्तेमाल कर अमेरिका अन्य देशों को तेल की आपूर्ति करेगा. यह बयान उस सैन्य अभियान के बाद आया, जिसमें मादुरो को सत्ता से हटाकर देश से बाहर ले जाया गया.
Nicolas Maduro, his wife indicted in New York, says Trump
— ANI Digital (@ani_digital) January 3, 2026
Read story @ANI | https://t.co/SkB1RIJkza#NicolasMaduro#NewYork#Trumppic.twitter.com/zfZL600X1z
रातों-रात हिरासत और न्यूयॉर्क तक का सफर
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को रात के समय एक सैन्य अड्डे पर स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया. इसके बाद दोनों को पहले एक अमेरिकी युद्धपोत पर रखा गया. कुछ समय बाद उन्हें विमान के जरिए न्यूयॉर्क लाया गया. अमेरिकी न्याय विभाग ने मादुरो पर नार्को-टेररिज्म से जुड़े षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप लगाया है. अधिकारियों का कहना है कि यह मामला ड्रग तस्करी और आतंकी संगठनों को संरक्षण देने से जुड़ा हुआ है.
The plane carrying Venezuelan President Nicolás Maduro and his wife, Cilia Flores, has landed at Stewart Air National Guard Base in New York following their capture in a large-scale US military strike in Caracas, Venezuela.
— ANI (@ANI) January 3, 2026
(Picture Source: Reuters) pic.twitter.com/zLkq4UWZAP
महीनों की योजना का नतीजा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई ट्रंप प्रशासन की महीनों से चल रही गुप्त योजना और दबाव रणनीति का परिणाम है. इसे वर्ष 2003 में इराक पर हुए अमेरिकी हमले के बाद किसी सरकार को हटाने की सबसे आक्रामक अमेरिकी कार्रवाई बताया जा रहा है. ट्रंप प्रशासन लंबे समय से मादुरो को तानाशाह करार देता रहा है और वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन की मांग करता रहा है.
Nicolas Maduro, his wife land in New York after US military capture
— ANI Digital (@ani_digital) January 4, 2026
Read story @ANI | https://t.co/y62lezxwb7#NicolasMaduro#US#MilitaryCapturepic.twitter.com/cU67rZPLuC
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का उद्देश्य वेनेजुएला में स्थिरता बहाल करना और लोकतांत्रिक व्यवस्था को दोबारा मजबूत करना है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वेनेजुएला के तेल संसाधन वैश्विक बाजार के लिए अहम साबित हो सकते हैं. हालांकि रूस, चीन और कई लैटिन अमेरिकी देशों ने इस कदम को वेनेजुएला की संप्रभुता पर हमला बताया है. आने वाले दिनों में इस कार्रवाई के वैश्विक राजनीति पर असर साफ हो पाएगा.
यह भी पढ़ें-अब कौन संभालेगा Venezuela की सत्ता? खुद ट्रंप ने दिया जवाब; विपक्षी नेता बोलीं- अमेरिका ने अपना वादा निभाया
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us