अमेरिका ने रूसी तेल टैंकर 'मैरिनेरा' को किया जब्त, मॉस्को ने जताई कड़ी आपत्ति

अटलांटिक महासागर में रूसी पनडुब्बी की सुरक्षा में चल रहे टैंकर 'मैरिनेरा' को अमेरिकी नौसेना ने जब्त कर लिया है, जिससे दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव का खतरा बढ़ गया है.

अटलांटिक महासागर में रूसी पनडुब्बी की सुरक्षा में चल रहे टैंकर 'मैरिनेरा' को अमेरिकी नौसेना ने जब्त कर लिया है, जिससे दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव का खतरा बढ़ गया है.

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Ravi Prashant
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Russian ship Marinera

तेल टैंकर 'मैरिनेरा' Photograph: (X)

अटलांटिक महासागर के बर्फीले पानी में इस समय भारी तनाव का माहौल है.अंतरराष्ट्रीय संबंधों को हिला देने वाली एक बड़ी घटना में, अमेरिकी नौसेना ने रूसी ध्वज वाले तेल टैंकर 'मैरिनेरा' (Marinera) को सफलतापूर्वक जब्त कर लिया है. यह ऑपरेशन साधारण नहीं था, क्योंकि इस टैंकर की सुरक्षा में एक रूसी पनडुब्बी साये की तरह तैनात थी. अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि यह आधुनिक इतिहास की सबसे जोखिम भरी समुद्री कार्रवाइयों में से एक है, जिसने सीधे तौर पर अमेरिका और रूस को सैन्य टकराव के मुहाने पर खड़ा कर दिया है.

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दो सप्ताह का हाई-वोल्टेज ड्रामा

'मैरिनेरा' (पुराना नाम: बेला-1) पर कार्रवाई अचानक नहीं हुई. अमेरिकी खुफिया और नौसैनिक बल पिछले दो हफ्तों से इसका पीछा कर रहे थे. इससे पहले इस टैंकर ने कैरेबियन सागर में अमेरिकी घेराबंदी को धता बताते हुए भागने की कोशिश की थी और अमेरिकी कोस्ट गार्ड के बोर्डिंग निर्देशों को ठुकरा दिया था. लेकिन आइसलैंड के करीब अटलांटिक के बीच में, अमेरिकी नौसेना ने इसे घेर लिया.

रूस की संप्रभुता को सीधी चुनौती?

इस जब्ती ने वैश्विक कूटनीति में खलबली मचा दी है. अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत, किसी देश के झंडे (Flag) के नीचे चलने वाला जहाज उस राष्ट्र का संप्रभु क्षेत्र माना जाता है. रूस ने सख्त चेतावनी दी थी कि वह अपने जहाजों के खिलाफ किसी भी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा. वहां मौजूद रूसी पनडुब्बी की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया था कि मॉस्को इसे बचाने के लिए तैयार था.

रुस का रिएक्शन आया सामने? 

अमेरिकी नौसेना द्वारा रूसी तेल टैंकर 'मैरिनेरा' को जब्त किए जाने के बाद रूस ने कड़ा रुख अपनाया है. रूसी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वे जहाज पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की बारीकी से निगरानी कर रहे है. रूस ने मांग की है कि अमेरिका जहाज पर सवार रूसी नागरिकों के साथ मानवीय और गरिमापूर्ण व्यवहार सुनिश्चित करे. मॉस्को ने सख्त लहजे में कहा कि वॉशिंगटन को रूसी नागरिकों की स्वदेश वापसी में कोई बाधा उत्पन्न नहीं करनी चाहिए और उनके अधिकारों का पूरा सम्मान करना चाहिए.

ट्रंप प्रशासन की 'मैक्सिमम प्रेशर' रणनीति

यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की उस सख्त विदेश नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य वेनेजुएला की निकोलस मादुरो सरकार की आर्थिक कमर तोड़ना है. वॉशिंगटन का आरोप है कि वेनेजुएला अपने तेल निर्यात के पैसे का इस्तेमाल लोकतंत्र को कुचलने और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में कर रहा है. रूस पर आरोप है कि वह प्रतिबंधों के बावजूद वेनेजुएला के तेल को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में मदद कर रहा है.

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