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US-Israel Attack War: अमेरिका को जिस डिफेंस सिस्टम पर नाज था, उसे ईरान ने पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया है. बताया जा रहा है कि अमेरिका के करोड़ों डॉलर मिट्टी में मिल गए हैं. 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध में दोनों पक्षों को भारी नुकसान हुआ है. बताया जा रहा कि युद्ध के पहले चार दिनों में करीब 2 अरब डॉलर यानी 18000 करोड़ रुपये से अधिक अमेरिकी रडार और रक्षा सिस्टम को नष्ट कर दिया गया है. इन हमलों ने खाड़ी क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सुरक्षा तंत्र की कमजोरियों को सामने ला दिया है.
अत्याधुनिक THAAD डिफेंस सिस्टम, सबसे महंगा रडार सिस्टम में एक गिना जाता है. अमेरिका ने खाड़ी देशों में मौजूद सैन्य बेस पर रक्षा प्रणाली को तैनात किया था. मगर ईरान के हमलों यह सिस्टम झेल नहीं सका. इसके बाद यूएस को काफी नुकसान उठाना पड़ा है.
Iran destroyed the US airbase in Riyadh, Saudi Arabia. However, Iran did launch missiles at Al Udeid Air Base in Qatar in retaliation for US strikes on Iranian nuclear facilities. pic.twitter.com/2BSfMDMqA6
— Nandi 🤍💜🤍 (@pallnandi) February 28, 2026
अत्याधुनिक रडार को पूरी तरह से बर्बाद
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होते ही तेहरान पर तेज हमले हुए. यहां तक की परमाणु संयंत्रों पर भी हमला किया गया. इसके बाद ईरान ने पलटवार करते हुए खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस पर हमले शुरू कर दिया. सबसे अधिक नुकसान कतर में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस पर हुआ. ईरान ने कतर के अल-उदीद एयरबेस पर तैनात अमेरिकी रडार सिस्टम को तगड़ा नुकसान पहुंचाया. यहां पर मौजूद AN/FPS-132 नाम के एक अत्याधुनिक रडार को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया. इस रडार की कीमत ही सुनकर आप चौंक जाएंगे. इसकी कीमत 1.1 अरब डॉलर यानि 10 हजार करोड़ रुपये तक बताई गई है. यह रडार लंबी दूरी से खतरे को भांप लेता है और पलटवार करता है.
THAAD सिस्टम के रडार भी हुए तबाह
ईरान ने अमेरिकी THAAD (टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस) मिसाइल डिफेंस सिस्टम को टार्गेट किया. यह बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में मार गिराने में सक्षम है. THAAD सिस्टम का सबसे खास हिस्सा उसका AN/TPY-2 रडार है. यह दुश्मन की मिसाइलों आसानी से ट्रैक कर सकता है. बताया जा रहा है कि ईरान ने इस तरह के दो रडार सिस्टम को पूरी तरह से तबाह कर दिया.
जॉर्डर के रडार स्टिम को उड़ाया
जॉर्डन में अमेरिका ने अपने थाड डिफेंस सिस्टम को तैनात किया था. ईरान ने अल-रुवैस (यूएई) डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया. इसका दाम 500 मिलियन डॉलर है. इसी तरह का दूसरा रडार जॉर्डन के मुवाफक सल्ती एयर बेस पर मौजूद था. इसका दाम करीब 300 मिलियन डॉलर है. सैटेलाइट तस्वीरों में दोनों ठिकानों पर बड़े गड्ढे और जलने के निशान देखे गए हैं, ये हमले की पुष्टि करता है.
US military base in Bahrain is currently under attack by Shahed kamikaze drones. pic.twitter.com/yZDyeT6iUw
— Special Kherson Cat 🐈🇺🇦 (@bayraktar_1love) February 28, 2026
लड़ाकू विमानों पर पहुंचा नुकसान
इस बीच कुवैत में अमेरिकी लड़ाकू विमान भी नष्ट हुए हैं. यहां तीन F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान तबाह हो गए. इन विमानों की कुल कीमत का आकलन किया जाए तो ये करीब 282 मिलियन डॉलर है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो यह विमान ईरानी हमले से नहीं बल्कि गलती से अपने ही एयर डिफेंस सिस्टम की फायरिंग में बर्बाद हो गए. इस दौरान विमान के पायलट सुरक्षित बच गए.
कम्युनिकेशन सिस्टम भी निशाने पर
बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय को भी ईरान ने नुकसान पहुंचाया है. यहां दो सैटेलाइट कम्युनिकेशन टर्मिनल को बर्बाद कर दिया गया. इनका उपयोग सैन्य संवाद यानी युद्ध के बीच विभिन्न ठिकानों के बीच संपर्क स्थापित करने के लिए किया जाता है. इनके रेट का आकालन करें तो यह करीब 20 मिलियन डॉलर तक है.
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