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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप Photograph: (X@WhiteHouse)
Explainer: अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए कई टैरिफ (आयात शुल्क) को अवैध करार दिया है. अदालत ने कहा कि राष्ट्रपति ने 1977 के एक आपातकालीन कानून का गलत इस्तेमाल किया. संविधान के मुताबिक टैक्स लगाने का अधिकार केवल अमेरिकी संसद (कांग्रेस) को है, राष्ट्रपति को नहीं. लेकिन फैसले के तुरंत बाद ट्रंप ने एक और कानून का सहारा लेकर नया 15% वैश्विक टैरिफ लागू कर दिया. इससे दुनिया भर में फिर से व्यापार अनिश्चितता बढ़ गई है.
मामला क्या था?
जनवरी 2025 में दोबारा पद संभालने के कुछ हफ्तों बाद ट्रंप ने International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) के तहत कई देशों पर भारी टैरिफ लगा दिए थे.
इससे अमेरिका और कई देशों के बीच ट्रेड वॉर शुरू हो गई. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से कहा कि IEEPA राष्ट्रीय आपातकाल के लिए बना है. टैरिफ असल में टैक्स है, जिसे लगाने का अधिकार केवल कांग्रेस के पास है. हालांकि, स्टील, एल्यूमीनियम और ऑटोमोबाइल पर लगे टैरिफ बरकरार रहेंगे क्योंकि वे 1962 के अलग कानून (Section 232) के तहत लगाए गए थे.
नया कानून क्या है?
कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने Section 122 of the Trade Act of 1974 का इस्तेमाल किया. इस कानून के तहत राष्ट्रपति अधिकतम 15% टैरिफ लगा सकते हैं. यह टैरिफ 150 दिनों (लगभग 5 महीने) तक ही लागू रह सकता है. इसके बाद कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होगी. ट्रंप ने पहले 10% लगाया और फिर इसे बढ़ाकर 15% कर दिया जो इस कानून के तहत अधिकतम सीमा है. यह पहली बार है जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस धारा का उपयोग किया है.
पहले से हुए ट्रेड डील्स का क्या होगा?
कई देशों ने पिछले साल ट्रंप से समझौते कर अपने टैरिफ कम करवाए थे. इसके बाद यूनाइटेड किंगडम (UK) में स्टील और एल्यूमीनियम पर शून्य टैरिफ, अन्य सामान पर 10% और दवाओं पर भी शून्य टैरिफ. नया 15% टैरिफ स्टील-एल्यूमीनियम पर लागू नहीं होगा, लेकिन बाकी व्यापार पर असर पड़ सकता है.
चीन में क्या हुआ
वहीं बात अगर चीन करें तो दोनों देशों के बीच 100% तक टैरिफ लग चुके थे. बाद में 10% बेसलाइन पर एक साल का ट्रूस हुआ. इसके बाद से फेंटेनिल केमिकल्स पर लगे टैरिफ हट सकते हैं, लेकिन इलेक्ट्रिक वाहन, स्टील और एल्यूमीनियम पर टैरिफ जारी रहेंगे. हालांकि, ट्रंप जल्द ही चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping से मिलने वाले हैं.
भारत पर कैसा असर
यहां पहले 50% तक टैरिफ लगा था. फिर नई डील के तहत 18% तय हुआ. भारत ने अमेरिकी इंडस्ट्रियल और कृषि उत्पादों पर टैरिफ कम करने पर सहमति दी.
Wonderful to speak with my dear friend President Trump today. Delighted that Made in India products will now have a reduced tariff of 18%. Big thanks to President Trump on behalf of the 1.4 billion people of India for this wonderful announcement.
— Narendra Modi (@narendramodi) February 2, 2026
When two large economies and the…
फिलहाल, भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल, जिसे व्यापार समझौते के विवरण को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिका की यात्रा करनी थी, स्थगित कर दिया गया है. अब सवाल है भारत पर 18% लागू होगा या नया 15%? स्थिति अभी साफ नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप के बीच हुए समझौते की फाइनल बातचीत फिलहाल टल गई है.
यूरोपीय संघ
पहले 30% टैरिफ लगाया गया था लेकिन समझौते के बाद 15% तय हुआ. हालांकि, समझौता अभी पूरी तरह लागू नहीं हुआ है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले और नए टैरिफ से अनिश्चितता बढ़ गई है.
मेक्सिको और कनाडा
दोनों देश USMCA (United States–Mexico–Canada Agreement) के तहत कई उत्पादों पर छूट पाते हैं. अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले से कुछ टैरिफ घट सकते हैं, लेकिन USMCA की समीक्षा इस साल फिर होनी है, जिससे चिंता बनी हुई है.
आगे क्या होगा?
विशेषज्ञों के अनुसार 150 दिनों की अवधि में अमेरिका अन्य कानूनी रास्तों (जैसे Section 301) का उपयोग कर सकता है. अनुचित व्यापार प्रथाओं" की जांच कर नए टैरिफ दोबारा लगाए जा सकते हैं.पहले हुए ट्रेड डील्स को फिर से बदला जा सकता है. फिलहाल, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने ट्रंप की टैरिफ नीति को बड़ा झटका दिया, लेकिन ट्रंप ने तुरंत नया कानूनी रास्ता निकाल लिया.
यह भी पढ़ें: Explainer: ट्रंप का 10% टैरिफ झटका या राहत? 150 दिन बाद होगा एक्सटेंड या एक्सपायर्ड? क्या होगा इसका असर?
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