/newsnation/media/media_files/2026/02/21/supreme-court-trump-tariffs-2026-02-21-14-23-22.jpg)
Donald Trump (Credit- @White House )
Supreme Court Trump Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ट्रेड पॉलिसी में एक बड़ा ट्विस्ट आया है. 20 फरवरी 2026 को यूएस सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि ट्रंप ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए ग्लोबल टैरिफ गलत थे और इनका गलत तरीके इस्तेमाल किया गया.
कोर्ट ने ये माना कि सरकार द्वारा लगाया ये टैरिफ उनके 'अधिकार से बाहर' थे. कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति को ऐसे आपातकालीन पावर से टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है, खासकर जब ये व्यापक और अनिश्चित हों.
"I have very effectively utilized TARIFFS over the past year to, MAKE AMERICA GREAT AGAIN." - President Donald J. Trump 🇺🇸 pic.twitter.com/HJ5gQuXcSX
— The White House (@WhiteHouse) February 20, 2026
ट्रंप ने कोर्ट के आदेश के तुरंत बाद लगाया नया टैरिफ
इस फैसले से ट्रंप के पुराने टैरिफ (जिनमें कई देशों पर 25% तक ड्यूटी लगी थी) रद्द हो गए. इससे अमेरिकी कंपनियों और स्टेट्स को अरबों डॉलर के रिफंड मिल सकते हैं और ग्लोबल ट्रेड में अनिश्चितता बढ़ गई. लेकिन ट्रंप ने हार नहीं मानी, कोर्ट के फैसले के कुछ घंटों बाद ही उन्होंने एक नया एग्जीक्यूटिव ऑर्डर साइन किया जिसमें सभी देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगा दिया गया.
क्या ट्रंप का नया टैरिफ है टेम्पररी या ये आगे भी रहेगा जारी
ट्रंप का ये नया टैरिफ सेक्शन 122 ऑफ ट्रेड एक्ट 1974 के तहत लगाया गया है और 150 दिनों के लिए टेम्पररी है लेकिन ये अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी से बढ़ सकता है. ट्रंप ने इसे 'टेम्पररी इंपोर्ट ड्यूटी' कहा जो इंटरनेशनल पेमेंट प्रॉब्लम्स और ट्रेड बैलेंस सुधारने के लिए है.
ट्रंप के 10% ग्लोबल टैरिफ का भारत पर क्या असर पड़ेगा?
जानकारी के अनुसार पहले ट्रंप ने भारत पर रूसी ऑयल खरीद के कारण 25% पेनल्टी टैरिफ लगाया था जो बाद में इंटरिम ट्रेड डील से घटकर 18% हो गया था. अब नए 10% ग्लोबल टैरिफ के तहत भारत को भी 10% ही देना पड़ेगा. कई रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रेड डील वाले देशों पर भी यही लागू होगा और पुराने हाई रेट अब लागू नहीं होंगे.
ग्लोबल टैरिफ से भारतीय एक्सपोर्टर्स को मिलेगी राहत
ग्लोबल टैरिफ से भारतीय एक्सपोर्टर्स को राहत मिलेगी. कारोबारियों की मानें तो इससे टेक्सटाइल, फार्मा, जेम्स एंड ज्वेलरी, मशीनरी जैसे सेक्टर में पहले से कम ड्यूटी लगेगी, जिससे एक्सपोर्ट बढ़ सकता है. वहीं, नुकसान की बात करें तो इससे इंडस्ट्रियल ओवरकैपेसिटी, फोर्स्ड लेबर, प्राइसिंग, डिजिटल सर्विसेज टैक्स जैसी चीजों में कोई अनफेयर प्रैक्टिस पाई गई तो टारगेटेड हाई टैरिफ लगाए जा सकते हैं.
🚨 President Donald J. Trump imposes a 10% global tariff on all countries. pic.twitter.com/42ZGDnMxbR
— The White House (@WhiteHouse) February 20, 2026
सोशल ​मीडिया पर ट्रंप-मोदी दोस्ती पर उठ रहे सवाल?
नए ग्लोबल टैरिफ से सोशल ​मीडिया पर ट्रंप-मोदी की दोस्ती पर सवाल उठ रहे हैं. नया टैरिफ लगाने के बाद ट्रंप ने मीडिया में बयान देते हुए कहा है कि 'नथिंग चेंजेस' यानी भारत टैरिफ देगा, अमेरिका को नहीं. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि कोर्ट के फैसले और नए टैरिफ से ट्रेड डील जिसमें भारत ने $500 बिलियन अमेरिकी गुड्स खरीदने का कमिटमेंट किया है उस पर असर पड़ सकता है. पीएम मोदी और ट्रंप के बीच अच्छे रिश्ते हैं लेकिन ये मूव ग्लोबल ट्रेड को प्रोटेक्शनिज्म की तरफ और धकेल रहा है.
ग्लोबल टैरिफ पर आगे क्या, क्या ये एक्सटेंड होगा?
ग्लोबल टैरिफ पर अब ये चर्चा है कि इसका आगे क्या होगा, क्या ये एक्सटेंड होगा या ​फिर ठंडे बस्ते में चला जाएगा. दरअसल, इस नए टैरिफ की मियाद 150 दिनों की है. इसके बाद अमेरिकी कांग्रेस इसे एक्सटेंड करेगी या नहीं किसी को नहीं पता? वहीं, नए आदेश के अनुसार सेक्शन 301 जांच से नए टैरिफ आ सकते हैं, खासकर फार्मा और टेक सेक्टर में इसमें बदलाव होने का अनुमान जताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि नए टैरिफ से भारत को अब यूरोप, एशिया जैसे अल्टरनेटिव मार्केट्स पर फोकस बढ़ाना पड़ेगा.
ये भी पढ़ें: 'मैं व्यापार को बर्बाद कर सकता हूं', 'लेकिन एक डॉलर का शुल्क नहीं लगा सकता', ट्रंप ने SC के आदेश का उड़ाया मजाक
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us