/newsnation/media/media_files/2026/02/19/pm-modi-and-putin-2026-02-19-08-45-12.jpg)
रूस ने दिया भारत के तेल निर्यात पर जवाब Photograph: (YouTube/BJP)
India-Russia Relation: भारत और रूस के संबंध काफी पुराने हैं. यही वजह है कि दोनों देश वैश्विक मंचों पर एक दूसरे का समर्थन करते रहे हैं. फिर भले ही अमेरिका के भारत द्वारा रूसी तेल आयात पर प्रतिबंध लगाने का ही दावा क्यों ना हो. रूस ने एक बार फिर से भारत के साथ अपने मजबूत संबंधों का सबूत दिया है. दरअसल, रूस के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उसके पास यह मानने का 'कोई कारण नहीं' है कि भारत ने रूसी तेल की खरीद पर अपना रुख बदला है. रूसी विदेश मंत्रालय का कहना है कि इस तरह का व्यापार दोनों देशों के लिए फायदेमंद है और वैश्विक हाइड्रोकार्बन बाजार में स्थिरता बनाए रखने में सहायक है.
अमेरिका दावों का रूस ने किया खंडन
बता दें कि रूस का ये बयान अमेरिकी अधिकारियों के उस दावे के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि नई दिल्ली रूसी कच्चे तेल का आयात रोकने पर सहमत हो गई है. विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा कि मॉस्को को रूसी हाइड्रोकार्बन की खरीद पर भारत के रुख में बदलाव का कोई संकेत नहीं मिला है. उन्होंने आगे कहा कि भारत की खरीद दोनों देशों के हितों की पूर्ति करती है और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने में योगदान देती है. ज़खारोवा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के उन बयानों की भी आलोचना की, जिनमें उन्होंने वाशिंगटन पर संप्रभु राष्ट्रों पर अपनी शर्तें थोपने का आरोप लगाया था.
ट्रेड डील में अमेरिका ने घटाया भारत पर टैरिफ
ये टिप्पणियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप के बीच हुई टेलीफोन वार्ता के बाद आईं, जिसके बाद दोनों पक्षों ने भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की थी. इस कटौती में पिछले साल अगस्त में ट्रंप द्वारा भारत के रूसी तेल की खरीदारी जारी रखने पर लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ को हटाना भी शामिल था.
ट्रंप ने किया था रूसी तेल आयात को लेकर दावा
बता दें कि फरवरी की शुरुआत में नई दिल्ली के साथ व्यापार समझौते की घोषणा करते हुए ट्रंप ने दावा किया था कि भारत रूस से कच्चे तेल की खरीद बंद करने पर सहमत हो गया है. हालांकि, भारत ने इस दावे की न तो पुष्टि की है और न ही खंडन किया है. पिछले हफ्ते, रुबियो ने फिर से दोहराया कि भारत रूसी तेल की खरीद बंद करने के लिए प्रतिबद्ध है. भारत पहले भी यह कहता रहा है कि ऊर्जा खरीद संबंधी निर्णयों में राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रहेगा.
ये भी पढ़ें: 'भारत किसी भी देश से तेल खरीदने के लिए स्वतंत्र', भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर आया रूस का बयान
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us