यूक्रेन के खिलाफ खड़ा हुआ ये सहयोगी देश, रोकी आपातकालीन बिजली सप्लाई, जानें क्या है नाराजगी की वजह

Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है. इस बीच यूक्रेन के एक सहयोगी देश ने उसके खिलाफ नाराजगी जताई और यूक्रेन की आपातकालीन बिजली सप्लाई को बंद कर दिया. जानें इसके पीछे की क्या है वजह?

Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है. इस बीच यूक्रेन के एक सहयोगी देश ने उसके खिलाफ नाराजगी जताई और यूक्रेन की आपातकालीन बिजली सप्लाई को बंद कर दिया. जानें इसके पीछे की क्या है वजह?

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Suhel Khan
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Zelenskyy and Robert Fico

यूक्रेन के खिलाफ खड़ा हुआ ये सहयोगी देश Photograph: (X@ZelenskyyUa/X@RobertFicoSVK)

Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष को आज चार साल पूरे हो गए. आज ही के दिन यानी 24 फरवरी 2022 को दोनों देशों के बीच युद्ध की शुरुआत हुई थी. इन चार सालों में दोनों देशों में हजारों लोगों की जान जा चुकी है, बावजूद इसके ये युद्ध अभी तक थमा नहीं है. इस बीच यूक्रेन के सहयोगी देश स्लोवाकिया ने अब यूक्रेन के खिलाफ ही मार्चा खोल दिया है और उसकी आपातकालीन बिजली सप्लाई रोक दी है.

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स्लोवाकिया ने क्यों रोकी यूक्रेन की बिजली सप्लाई?

दरअसल, रूस द्वारा द्रुझबा पाइपलाइन के जरिए स्लोवाकिया को तेल आपूर्ति निलंबित कर दी. इसी के चलते स्लोवाकिया ने यूक्रेन की आपातकालीन बिजली सप्लाई रोकने का एलान किया है. स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको ने सोमवार को इसकी घोषणा की. फिको ने कहा कि यह कदम तब तक लागू रहेगा जब तक कीव सोवियत-युग की द्रुझबा पाइपलाइन के माध्यम से स्लोवाकिया को तेल आपूर्ति बहाल नहीं कर देता. बता दें कि यह पाइपलाइन यूक्रेनी क्षेत्र से होकर गुजरती है. यह घोषणा बीते सप्ताह यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की को दी गई उनकी चेतावनी के बाद आई है.

क्या बोले स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री?

स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री फिको ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो संदेश साझा किया. जिसमें उन्होंने कहा कि, "मैंने शनिवार को जो घोषणा की थी, उसे पूरा कर दिया है, यदि सोमवार तक स्लोवाकिया को तेल की आपूर्ति बहाल नहीं की जाती है, तो मैं राज्य के स्वामित्व वाली संयुक्त स्टॉक कंपनी एसईपीएस से यूक्रेन को आपातकालीन बिजली आपूर्ति रोकने के लिए कहूंगा. अकेले जनवरी 2026 में, यूक्रेनी ऊर्जा ग्रिड को स्थिर करने के लिए आवश्यक ये आपातकालीन आपूर्ति पूरे वर्ष 2025 की तुलना में दोगुनी थी."

यूक्रेनी ग्रिड ऑपरेटर ने किया इनकार

हालांकि यूक्रेनी ग्रिड ऑपरेटर उक्रेनर्गो ने कहा है कि उसे स्लोवाकिया के इस फैसले की आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है. उन्होंने कहा कि इस कदम से यूक्रेन की एकीकृत बिजली प्रणाली की स्थिरता प्रभावित नहीं होगी. ऑपरेटर ने बताया कि स्लोवाकिया से आपातकालीन सहायता के लिए आखिरी अनुरोध एक महीने से भी अधिक समय पहले किया गया था और इसमें सीमित मात्रा में तेल शामिल था.

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तेल सप्लाई रोकने को स्लोवाकिया ने बताया रानीतिक निर्णय

फिको ने तेल आपूर्ति में रोक को "पूरी तरह से राजनीतिक निर्णय" बताया, जिसका उद्देश्य यूक्रेन युद्ध पर स्लोवाकिया के अंतरराष्ट्रीय रुख को लेकर उसे ब्लैकमेल करना है. उन्होंने 1 जनवरी, 2025 को पांच साल के समझौते की समाप्ति के बाद रूसी गैस पारगमन को रोकने के यूक्रेन के पहले के फैसले की भी आलोचना की, और दावा किया कि इस कदम से स्लोवाकिया को सालाना लगभग 50 करोड़ यूरो का नुकसान हुआ है.

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