/newsnation/media/media_files/2026/01/09/tanker-2026-01-09-08-16-36.jpg)
tanker
वेनेजुएला को अमेरिकी कार्रवाई से रूस खफा है. इस दौरान तट से पकड़े गए टैंकर में सवार तीन भारतीय और दूसरे क्रू मेंबर की जान को लेकर खतरा है. रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इस बारे में सूचना दी है. अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने कार्रवाई करते हुए 7 जनवरी की सुबह वेनेजुएला के पास उत्तरी अटलांटिक महासागर के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में रूसी तेल टैंकर मैरीनेरा को जब्त किया था. अमेरिका का आरोप है कि यह तेल टैंकर वेनेजुएला से प्रतिबंधित तेल लेकर निकला था. अमेरिकी अदालत ने इसको जब्त करने का आदेश दिया. रूस के विदेश मंत्रायल ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है. इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया गया है. वहीं अमेरिका से रूसी क्रू मेंबर की सुरक्षा और रिहाई की मांग की है.
जहाज के क्रू में तीन भारतीय भी शामिल
अमेरिका के अनुसार, जब्त किए टैंकर में 28 चालक दल के सदस्य सवार थे. इनमें यूक्रेन के 20, जॉर्जिया के 6, रूस के 2 और तीन भारतीय हैं. सभी क्रू मेंबर को हिरासत में लिया गया है. अमेरिका के अनुसार, वह जहाज पर सवार क्रू के खिलाफ आपराधिक मामले को चलाएंगे. यह टैंकर बेला 1 नाम से संचालित हो रहा था. 24 दिसंबर को रूस से विशेष इजाजत के बाद इस पर रूसी झंडे को लगाया गया था. इसका नाम बदलकर मैरीनेरा किया गया था.
रूसी ध्वज फहराने की अनुमति नहीं दी गई
रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय और रूसी कानून के तहत दिसंबर में मेरिनेरा को अस्थायी रूप से रूसी ध्वज फहराने की इजाजत दी गई थी. वह उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र के अंतर्राष्ट्रीय जलक्षेत्र से शांतिपूर्वक गुजर रहा था. 'मेरिनेरा, जिसे 24 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय और रूसी कानून के तहत अस्थायी रूप से रूसी ध्वज फहराने की अनुमति नहीं दी गई थी. उत्तरी अटलांटिक के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से एक रूसी बंदरगाह की ओर शांतिपूर्वक गुजर रहा था. अमेरिकी अफसरों के अनुसार, रूसी विदेश मंत्रालय के साथ आधिकारिक संचार समेत बार-बार विश्वसनीय जानकारी दी गई थी. ये पोत रूसी पंजीकरण और उसके नागरिक, गैर-सैन्य हालात की पुष्टि करती है.'
ये भी पढ़ें:US: ‘मेरा दिमाग ही मुझे रोक सकता है’, ट्रंप बोले- मुझे अंतरराष्ट्रीय कानूनों की जरूरत नहीं
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us