/newsnation/media/media_files/2026/01/10/donald-trump-2026-01-10-08-16-54.jpg)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप Photograph: (X@WhiteHouse)
Donald Trump: अमेरिकी-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का आज 10वां दिन है. इस युद्ध ने पूरे मध्य पूर्व को अपनी चपेट में ले लिया है. जिसके चलते वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है. इस बीच अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान से परमाणु खतरा खत्म होने पर तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आएगी. ट्रंप ने ये बात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कही.
मध्य पूर्व में जंग के चलते कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल
US President Donald Trump posts on Truth Social - "Short term oil prices, which will drop rapidly when the destruction of the Iran nuclear threat is over, is a very small price to pay for U.S.A., and World, Safety and Peace. ONLY FOOLS WOULD THINK DIFFERENTLY!President DJT" pic.twitter.com/MTJJ1Ksczz
— ANI (@ANI) March 8, 2026
क्रूड की कीमतों में को लेकर क्या बोले ट्रंप?
वैश्विक तेल कीमतों में आई तेजी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि, अगर इससे तेहरान का परमाणु खतरा समाप्त हो जाता है, तो यह "अल्पकालिक" उछाल सही है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में तर्क दिया कि ईरान की परमाणु क्षमता नष्ट होने के बाद तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि "केवल मूर्ख ही इससे अलग सोचेंगे."
'विश्व शांति के लिए एक छोटी सी कीमत...'
ट्रंप ने कच्चे तेल की कीमतों को अमेरिकी और विश्व सुरक्षा और शांति के लिए चुकाई जाने वाली एक छोटी सी कीमत बताया. ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा, "अल्पकालिक तेल कीमतें, जो ईरान के परमाणु खतरे के खत्म होने पर तेजी से गिरेंगी, अमेरिका और विश्व की सुरक्षा और शांति के लिए चुकाई जाने वाली एक बहुत छोटी कीमत है. केवल मूर्ख ही इससे अलग सोचेंगे!"
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार 100 डॉलर के पार क्रूड का भाव
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ये टिप्पणी रविवार को तेल की कीमतों में आई तेजी के बाद आई हैं, जिसमें लोगों की चिंताओं को कम करने की कोशिश की गई है. सीएनएन बिजनेस की रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में रूस-यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं हैं. सीएनएन बिजनेस की रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशकों ने चिंता जताई है कि ईरान के साथ संघर्ष के कारण दुनिया भर में तेल के प्रवाह पर लंबे समय तक प्रतिबंध लग सकते हैं.
ये भी पढ़ें: Donald Trump का दावा- ईरान ने मांगी माफी, किया सरेंडर; आज होगा सबसे बड़ा हमला
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान के साथ संघर्ष में पश्चिम एशिया और खाड़ी के अन्य देशों के शामिल होने से तेल और पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिनमें इस क्षेत्र की रिफाइनरियों पर हमले भी शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी तेल वायदा 18 प्रतिशत बढ़कर लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल हो गया है. जो 19 जुलाई, 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है, जबकि वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट वायदा 16 प्रतिशत चढ़कर 108 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया.
ये भी पढ़ें: 'जीत हासिल कर युद्ध में शामिल होने वाले लोगों की हमें जरूरत नहीं', ट्रंप ने ब्रिटिश PM स्टार्मर पर साधा निशाना
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us