ड्रग्स नहीं, असली वजह है यह, Maduro अरेस्ट के बाद Trump ने किया बड़ा खुलासा!

वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेल संबंधी बयानों ने वैश्विक बाजार का ध्यान खींचा है. हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि कमजोर बुनियादी ढांचे और भारी तेल के कारण वेनेजुएला का वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर सीमित ही रहेगा.

वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेल संबंधी बयानों ने वैश्विक बाजार का ध्यान खींचा है. हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि कमजोर बुनियादी ढांचे और भारी तेल के कारण वेनेजुएला का वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर सीमित ही रहेगा.

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Ravi Prashant
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प्रेसिडेंट ट्रंप Photograph: (X/whitehouse)

वेनेजुएला में हुए नाटकीय घटनाक्रम के बाद वैश्विक तेल बाजार को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. अमेरिकी विशेष बलों द्वारा राजधानी कराकास में रात के समय की गई कार्रवाई में राष्ट्रपति Nicolas Maduro और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया गया. इसके एक दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ शब्दों में कहा कि यह पूरा मामला तेल से जुड़ा हुआ है.

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ट्रंप का बयान और तेल की राजनीति

व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला जाएंगी, अरबों डॉलर निवेश करेंगी और वहां के जर्जर तेल ढांचे को ठीक करेंगी. उन्होंने कहा कि वेनेजुएला अपने संसाधनों का इस्तेमाल नहीं कर पा रहा था, इसलिए अब अमेरिका न केवल वहां तेल उत्पादन बढ़ाएगा बल्कि अन्य देशों को भी बड़ी मात्रा में तेल बेचेगा. हालांकि ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका पहले से ही तेल व्यवसाय में अग्रणी है और इस घटनाक्रम से उसकी वैश्विक आपूर्ति क्षमता और मजबूत होगी.

वैश्विक तेल बाजार पर असर क्यों नहीं

ऊर्जा विशेषज्ञों और विश्लेषकों का मानना है कि वेनेजुएला के पास दुनिया का लगभग 18 प्रतिशत तेल भंडार होने के बावजूद वह केवल 1 प्रतिशत तेल का ही उत्पादन कर पा रहा है. इसका मुख्य कारण वहां मौजूद भारी तेल भंडार है. यह तेल खाड़ी देशों में पाए जाने वाले हल्के तेल की तुलना में अधिक जटिल और महंगे परिशोधन की मांग करता है.

वेनेजुएला के पास उन्नत रिफाइनिंग सुविधाओं की कमी रही है. इसके अलावा अमेरिका द्वारा वर्षों से लगाए गए प्रतिबंध और तेल निर्यात पर रोक ने उत्पादन को और सीमित कर दिया. इन सभी कारणों से अचानक हुए सत्ता परिवर्तन का वैश्विक तेल आपूर्ति पर कोई बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं जताई जा रही है.

मादुरो की गिरफ्तारी और राजनीतिक बदलाव

कई महीनों की धमकियों और दबाव के बाद अमेरिका ने शनिवार को वेनेजुएला पर हमला कर मादुरो सरकार को गिरा दिया. मादुरो को न्यूयॉर्क में मुकदमे का सामना करने के लिए ले जाया गया, जहां उन पर ड्रग्स और हथियारों से जुड़े आरोप हैं. उनके सिर पर अमेरिका ने 50 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित कर रखा था.

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर मादुरो की हथकड़ी और आंखों पर पट्टी बंधी तस्वीर साझा की और कहा कि उन्होंने इस पूरे ऑपरेशन को अपने मार-ए-लागो एस्टेट में टीवी शो की तरह देखा.

विपक्ष की प्रतिक्रिया

वेनेजुएला की विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता María Corina Machado ने सोशल मीडिया पर इसे देश की आजादी का क्षण बताया. उन्होंने 2024 चुनाव के लिए विपक्ष के उम्मीदवार से तुरंत राष्ट्रपति पद संभालने की अपील की.

हालांकि ट्रंप ने यह संकेत दिया कि मचाडो के सत्ता में आने की संभावना कम है और दावा किया कि उन्हें देश में पर्याप्त समर्थन हासिल नहीं है.

कुल मिलाकर, वेनेजुएला में हुए इस बड़े राजनीतिक बदलाव के बावजूद तेल बाजार पर तत्काल और व्यापक प्रभाव की संभावना कम मानी जा रही है.

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President Nicolas Maduro Nicolas Maduro
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