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Xi Jinping ने पीएलए सैनिकों से युद्ध की तैयारियों का लिया जायजा, कहा- बदल गए हैं सीमा पर हालात

Written By : मोहित शर्मा | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 21 Jan 2023, 07:48:09 AM
XI Jinping

पूर्वी लद्दाख में पीएलए सैनिकों से मुखातिब शी जिनपिंग. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत से तनाव के बीच पीएलए सैनिकों से की वीडियो कांफ्रेंसिंग
  • भारत सीमा पर तैनात पीएलए सैनिकों का हाल-चाल पूछ सीमा सुरक्षा पर दिए कई निर्देश
  • 2020 की पूर्वी लद्दाख हिंसक झड़प के बाद कई मसलों पर गतिरोध है अभी भी बरकरार

बीजिंग:  

चीन (China) के सरकारी मीडिया के अनुसार राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) ने पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर तैनात पीएलए सैनिकों के साथ एक वीडियो बातचीत में उनकी युद्ध की तैयारियों का जायजा किया. शी ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) मुख्यालय से झिंजियांग सैन्य कमान के नेतृत्व में आने वाले खंजराब में सीमा सुरक्षा (Border Security) पर चीनी सैनिकों को संबोधित किया. चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के महासचिव और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के कमांडर इन चीफ शी जिनपिंग ने सैनिकों को संबोधन में बताया कि कैसे हाल के वर्षों में क्षेत्र लगातार बदल रहा है और इसका चीनी सेना पर क्या असर पड़ा है. सरकारी मीडिया की ओर से दिखाए गए वीडियो में दिख रहा है कि शी जिनपिंग ने पीएलए सैनिकों की युद्ध के दौरान तत्परता का निरीक्षण भी किया.

सैनिकों का हालचाल पूछ गश्त और प्रबंधन काम पर की चर्चा
शी जिनपिंग के संबोधन के दौरान एक सैनिक ने जवाब दिया कि वे अब चुस्त-दुरुस्त है सीमा की 24 घंटे निगरानी कर रहे थे. इस पर शी ने सैनिकों की स्थिति के बारे में पूछा और सवाल दागा कि क्या सीमा के इस दुर्गम इलाके में उन्हें ताजी सब्जियां मिल रही है. आधिकारिक मीडिया के मुताबिक शी ने सीमा पर तैनात सैनिकों से उनकी गश्त और प्रबंधन कार्य के बारे में भी पूछताछ की. इसके साथ ही शी जिनपिंग ने पीएलए सैनिकों की सीमा रक्षा के मॉडल के रूप में सराहना करते हुए कहा कि उन्हें अपने प्रयासों से और भी नए योगदान देने के लिए तत्पर रहना चाहिए.

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17 दौर की सैन्य वार्त के बाद सीमा पर गतिरोध अभी भी कायम
पूर्वी लद्दाख वह क्षेत्र है जहां 5 मई 2020 को पैंगोंग झील क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद भारत और चीन के बीच गतिरोध शुरू हुआ था. इ गतिरोध के बीच दोनों पक्षों के बीच अब तक उच्च स्तरीय सैन्य वार्ता के 17 दौर आयोजित हो चुके हैं, लेकिन शेष विवादास्पद मुद्दों के समाधान में कोई महत्वपूर्ण प्रगति नहीं हुई है. इस कड़ी में भारत लगातार जोर देकर कहता आया है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर यथास्थिति की बहाली और शांति  चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास के लिए जरूरी है.

First Published : 21 Jan 2023, 07:40:26 AM

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