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जंग के बीच फिलिस्तीन के विदेश मंत्री रियाद अल-मलिक UN में गरजे, बोले- भाषण देंगे....

फिलिस्तीन के विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करते हुए दुनिया का ध्यान खींचने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि आज जब तक प्रतिनिधि अपना भाषण देंगे, तब तक 60 बच्चों समेत 150 फिलिस्तीनी मारे जा चुके होंगे.

Updated on: 24 Oct 2023, 10:51 PM

नई दिल्ली:

इजराइल और हमास के बीच जंग जारी है. इस युद्ध में अब तक 6000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं. इजराइल हमास के आतंकी ठिकानों को तबाह करने में लगा हुआ है. इजराइल की जवाबी कार्रवाई से गाजा के कई इलाकों में नागरिक मारे जा रहे हैं, लेकिन इजराइल का कहना है कि वह सिर्फ आतंकियों को निशाना बना रहा है. इजराइल का मकसद सिर्फ हमास के ठिकानों को बर्बाद करना है.

मारे जा रहे हैं निर्दोष फिलिस्तीनी

इस बीच फिलिस्तीन के विदेश मंत्री रियाद अल-मलिक ने संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज जब तक प्रतिनिधि अपना भाषण देंगे, तब तक 60 बच्चों समेत 150 फिलिस्तीनी मारे जा चुके होंगे. उन्होंने आगे कहा कि पिछले दो सप्ताह में 5,700 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें 2,300 से अधिक बच्चे और 1,300 महिलाएं शामिल हैं. विदेश मंत्री ने कहा कि अधिक अन्याय और अधिक हत्याएं इजराइल को सुरक्षित नहीं बनाएंगी. कोई हथियार, कोई गठबंधन इसकी सुरक्षा में योगदान नहीं देगा.

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यूएन के महासचिव ने क्या कहा? 

विदेश मंत्री अल-मलिकी ने कहा कि फिलिस्तीन और उसके लोगों के साथ शांति ही एकमात्र समाधान है. उन्होंने कहा कि हमारी स्वतंत्रता सामान्य शांति और सुरक्षा की शर्त है. वहीं, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने कहा कि गाजा में अंतरराष्ट्रीय कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन जारी है. उन्होंने कहा कि गाजा में तत्काल युद्धविराम होना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मुझे यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि सशस्त्र संघर्ष में कोई भी पक्ष अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून से ऊपर नहीं है. उन्होंने कहा कि गाजा में मानवीय राहत की जरूरत है. गाजा में लोगों की मदद करने पर बहुत जोर दिया.

अस्पताल पर हमले के बाद बदला पूरा सीन

आपको बता दें कि गाजा में अस्पताल पर हमले के बाद पूरी दुनिया का ध्यान फिलिस्तीन की ओर गया है. हमास ने दावा किया था कि यह हमला इजराइल की ओर किया गया था जबकि इजराइल ने इसे साफ इनकार कर दिया था. इजराइन ने कहा कि यह हमास के मिसफायर का नतीजा था, जिसके कारण यह हमला हुआ. इस हमले में इजराइल की कोई भूमिका नहीं है.