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धरती के एक औऱ स्वर्ग में आतंकियों की हलचल बढ़ी, स्विट्जरलैंड सरीखी है स्वात घाटी

यह इलाका पश्तूनों (Pashtoon) का है, जो लंबे समय से पाकिस्तान से आजादी की मांग उठाते आ रहे हैं. इसके जवाब में इस्लामाबाद का सत्ता प्रतिष्ठान दमनकारी नीतियों से मुखालफत की आवाजें शांत करता आ रहा है.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 21 May 2020, 08:55:33 AM
Pakistan Swat Valley

अफगानिस्तान समर्थित आतंकी सक्रिय हो रहे स्वात घाटी में. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • पाकिस्तान की स्वात घाटी में आतंक की दस्तक.
  • अफगान स्थित आतंकी संगठन सक्रिय हो रहे.
  • लंबे समय से पाकिस्तान से मांग रहे हैं आजादी.

पेशावर:

पाकिस्तान (Pakistan) की मनोरम स्वात घाटी (Swat Valley) में एक बार फिर आतंकवाद अपना सिर उठा रहा है. एक दशक की अपेक्षाकृत शांति के बाद घाटी में एक बार फिर आतंकवादियों की सक्रियता दिख रही है. पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. पाकिस्तान और अफगानिस्तान द्वारा एक-दूसरे के देश में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने में मददगार होने के आरोपों के बीच खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की प्राकृतिक रूप से बेहद सुंदर स्वात घाटी में आतंकियों की सक्रियता को पाकिस्तानी अधिकारियों ने अफगानिस्तान से जोड़ने में कोई देर नहीं की है. यह इलाका पश्तूनों (Pashtoon) का है, जो लंबे समय से पाकिस्तान से आजादी की मांग उठाते आ रहे हैं. इसके जवाब में इस्लामाबाद का सत्ता प्रतिष्ठान दमनकारी नीतियों से मुखालफत की आवाजें शांत करता आ रहा है.

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अफगान के हैं आतंकी
खबैर पख्तूनख्वा प्रांत के पुलिस प्रमुख डॉ. सनाउल्लाह अब्बासी ने 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' से कहा कि 'अफगानिस्तान में प्रशिक्षित आतंकी' स्वात में एक दशक के बाद एक बार फिर से संगठित हो रहे हैं. साल 2009 में विद्रोह को समाप्त करने के लिए शुरू किए गए पाकिस्तानी सैन्य अभियान 'राह-ए-रास्त' के बाद यह आतंकी 'पड़ोसी देश (अफगानिस्तान) भाग गए थे.' प्रांत के पुलिस प्रमुख ने कहा, 'हाल में स्वात में लक्ष्य बनाकर की गई हत्याओं के मामले में गिरफ्तार चार आतंकवादियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें अफगानिस्तान में प्रशिक्षित किया गया था.

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आजादी की मांग कर रहे हैं पश्तून
पुलिस अधिकारी ने यह भी दावा किया कि आतंकियों ने अफगानिस्तान से मलाकंड में घुसपैठ की कोशिश की थी जिसे सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम कर दिया. उन्होंने यह भी दावा किया कि पेशावर व अन्य जगह के कारोबारियों को अफगास्तिान स्थित फोन नंबरों से काल कर फिरौती मांगी जा रही है. उन्होंने कहा कि 'पाकिस्तान में आतंकवाद के लिए अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल अस्वीकार्य है.' गौरतलब है कि पाकिस्तान अतीत में भी ऐसे इलजाम अफगानिस्तान पर लगाता रहा है और अफगानिस्तान ने हमेशा इन्हें गलत बताया है. खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की पश्तून आबादी पाकिस्तान के सत्ता प्रतिष्ठान के खिलाफ लोहा लेती रही है. इनका आरोप रहा है कि आतंकवाद को कुचलने के नाम पर पश्तूनों के मानवाधिकारों का बुरी तरह से हनन होता है.

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First Published : 21 May 2020, 08:55:33 AM