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वैज्ञानिकों ने कोविड-19 प्रसार के जोखिम वाले क्षेत्रों का पता लगाने का नया तरीका विकसित किया

अनुसंधानकर्ताओं ने उन स्थानों का पता लगाने के लिए एक नयी, गैर आक्रामक रणनीति विकसित की है जो उन संभावित क्षेत्रों को इंगित करेंगे जहां से कोविड-19 के प्रसार का जोखिम अधिक होगा

Bhasha | Updated on: 29 Jun 2020, 01:35:39 PM
covid 19

कोविड-19 (Photo Credit: फाइल फोटो)

ह्यूस्टन:

अनुसंधानकर्ताओं ने उन स्थानों का पता लगाने के लिए एक नयी, गैर आक्रामक रणनीति विकसित की है जो उन संभावित क्षेत्रों को इंगित करेंगे जहां से कोविड-19 के प्रसार का जोखिम अधिक होगा. इसके लिए वे मौजूदा सेलुलर (मोबाइल) वायरलैस नेटवर्कों से डेटा का प्रयोग करेंगे. यह ऐसी उपलब्धि है जो वैश्विक महामारी की रोकथाम में मददगार साबित हो सकती है.

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अमेरिका की कोलोराडो स्टेट यूनिवर्सिटी के एडविन चोंग समेत अन्य वैज्ञानिकों के मुताबिक यह नयी तकनीक सबसे अधिक भीड़-भाड़ वाले स्थानों की पहचान में मदद करेगा जहां वायरस के ऐसे वाहकों के कई स्वस्थ लोगों से करीब से संपर्क में आने की आशंका बहुत ज्यादा होगी जिनमें रोग के लक्षण नजर नहीं आते हैं.

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इस तकनीक से उन क्षेत्रों को ऐसे परिदृश्यों से बचने में मदद मिलेगी जहां वायरस किसी देश के घनी आबादी वाले इलाकों में विनाशकारी प्रभाव डालता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इस रणनीति का इस्तेमाल कर वे यह समझने की उम्मीद करते हैं कि मोबाइल उपयोगकर्ता किसी क्षेत्र में कैसे आवागमन करते हैं और जुटते हैं.

इसके लिए वे हैंडओवर और सेल (पुन:) चयन प्रोटोकॉल का उपयोग करते हैं। इस तकनीक का संपूर्ण ब्योरा ‘आईईईई ओपन जर्नल ऑफ इंजीनियरिंग इन मेडिसिन एंड बायोलॉजी’ में दिया गया है. 

First Published : 29 Jun 2020, 01:30:11 PM

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