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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को भारत का समर्थन

करीब दो सप्ताह पहले फ्रांस में एक मुस्लिम अप्रवासी द्वारा एक शिक्षक का सिर कलम किए जाने की घटना के बाद कट्टरपंथी इस्लाम की निंदा कर रहे फ्रांस को भारत का समर्थन मिल गया है.

News Nation Bureau | Edited By : Dalchand Kumar | Updated on: 30 Oct 2020, 04:11:25 PM
Narendra Modi and Emmanuel Macron

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को भारत का समर्थन (Photo Credit: फ़ाइल फोटो)

नई दिल्ली:

करीब दो सप्ताह पहले फ्रांस में एक मुस्लिम अप्रवासी द्वारा एक शिक्षक का सिर कलम किए जाने की घटना के बाद कट्टरपंथी इस्लाम की निंदा कर रहे फ्रांस को भारत का समर्थन मिल गया है. सरकार ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि वह अंतर्राष्ट्रीय विमर्श के सबसे बुनियादी मानकों का उल्लंघन करते हुए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर अस्वीकार्य भाषा में व्यक्तिगत हमलों की दृढ़ता से निंदा करते हैं.

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बयान में कहा गया, 'किसी भी कारण से या किसी भी परिस्थिति में आतंकवाद को लेकर स्पष्टीकरण दिए जाने का कोई औचित्य नहीं है.' भारत ने कहा है कि फ्रांसीसी शिक्षक की जान लिए जाने की भी निंदा करते हैं. शिक्षक के परिवार और फ्रांस के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं. फ्रांस ने भी इस समर्थन के लिए भारत का शुक्रिया अदा किया है. फ्रांस ने कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में फ्रांस और भारत हमेशा एक-दूसरे पर भरोसा कर सकते हैं.

फ्रांस में गिरिजाघर में हुए हमले सहित हाल के दिनों में वहां हुई आतंकवादी घटनाओं की भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़े शब्दों में निंदा की. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत फ्रांस के साथ खड़ा है. मोदी ने ट्वीट कर कहा, 'फ्रांस में एक गिरिजाघर में हुए हमले सहित हाल के दिनों में वहां हुई आतंकवादी घटनाओं की मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूं.'

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फ्रांस में हमले की निंदा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी की है. उन्होंने कहा, 'हमारा दिल फ्रांस के लोगों के साथ है. अमेरिका इस लड़ाई में हमारे सबसे पुराने सहयोगी के साथ खड़ा है. इन कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकवादी हमलों को तुरंत रोकना चाहिए. कोई भी देश, फ्रांस या कोई और लंबे समय तक नहीं रख सकता है.'

इसके अलावा यूरोपीय संघ ने कहा, 'इन बर्बर आतंकी हमलों के खिलाफ वह फ्रांस की जनता और सरकार के साथ खड़ा है. आतंकवाद और हिंसात्मक अतिवाद के खिलाफ फ्रांस की इस लड़ाई में वह उसके साथ है.' यूरोपीय संघ ने कहा कि आपसी मतभेद बढ़ाने के बजाय दुनिया के देश सामने आकर इस समस्या का हल ढूंढने में सहयोग करें.

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उल्लेखनीय है कि यह पूरा विवाद पेरिस के उपनगरीय इलाके में एक शिक्षक की हत्या के बाद शुरू हुआ जिसने पैगंबर मोहम्मद के कार्टून अपने विद्यार्थियों को दिखाए. बाद में उसकी सिर काटकर हत्या कर दी गई. शिक्षक की हत्या के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ओर से की गई विवादित टिप्पणी को लेकर मुस्लिम देशों के बीच फ्रांस के खिलाफ माहौल बनता जा रहा है.

First Published : 30 Oct 2020, 04:11:25 PM

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