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भारी बिजली संकट से जूझ रहा ये देश, अंधेरे में डूबे कई इलाके, मचा हाहाकार

उत्तर भारत में प्रचंड गर्मी के बीच जहां बिजली कटौती से भी लोग परेशान है तो वहीं दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर में भी हालात कुछ ऐसे ही है. दरअसल, इक्वाडोर में बिजली की कटौती होने के चलते तमाम सरकारी दफ्तरों को बंद कर दिया गया है.

Updated on: 21 Jun 2024, 06:25 AM

New Delhi:

दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर इनदिनों भारी विद्युत कटौती से परेशान है. देश के कई इलाकों में बिजली न होने की वजह से अंधेरे में डूब गए हैं. द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इक्वाडोर को बुधवार दोपहर देशव्यापी ब्लैकआउट का सामना करना पड़ा. देश के सार्वजनिक बुनियादी ढांचा मंत्री रॉबर्टो ल्यूक ने इस आपातकाल के लिए "ट्रांसमिशन लाइन में विफलता" को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, उन्हें राष्ट्रीय बिजली ऑपरेटर, सीएनएसीई से एक रिपोर्ट मिली है, ट्रांसमिशन लाइन में विफलता के कारण कैस्केड डिस्कनेक्शन हुआ, इसलिए देश भर में कोई बिजली सेवा नहीं है."

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ल्यूक ने आगे कहा कि अधिकारी "यथाशीघ्र" समस्या को हल करने के लिए काम कर रहे हैं. कुछ ही घंटों में इक्वाडोर की राजधानी क्विटो के कुछ हिस्सों में बिजली वापस आनी शुरू हो गई. बता दें कि 18 मिलियन यानी एक करोड़ 80 लाख आबादी वाला इक्वाडोर कई सालों से बिजली संकट से जूझ रहा है. विफल बुनियादी ढांचे, रखरखाव की कमी और आयातित ऊर्जा पर निर्भरता ने ब्लैकआउट में और इजाफा हुआ है. हालांकि, इनमें से कोई भी इस जितना व्यापक नहीं है, जैसा बुधवार को देखने को मिला.

बुधवार दोपहर सवा तीन बजे कटी बिजली

रिपोर्ट के मुताबिक, इक्वाडोर में बुधवार दोपहर करीब 3:15 बजे (स्थानीय समय) इक्वाडोर के अधिकांश इलाकों में बिजली कट गई. जिससे लोग बिजली जैसी बुनियादी चीजों के लिए भी परेशान हो गए. बता दें कि इक्वाडोर में ज्यादातर बिजली कोलंबिया से आती है. ये एक ऐसा देश है जिसने अपने घरेलू उपभोग के लिए पर्याप्त बिजली पैदा करने के लिए सालों से परेशानी का सामना करना किया है.

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बंद किए गए सरकारी दफ्तर और कारोबार

द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले अप्रैल में, इक्वाडोर को ब्लैकआउट का सामना करना पड़ा था, जिसके बारे में ऊर्जा मंत्रालय ने कहा था कि लंबे समय तक सूखे के बाद ऐतिहासिक रूप से कम पानी के प्रवाह, बढ़ते तापमान और देश की विद्युत प्रणाली के रखरखाव की कमी के कारण ऐसा हुआ था. उसके बाद कई हफ्तों तक, मंत्रालय ने दैनिक बिजली कटौती की जो कई घंटों तक चली. इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने ऊर्जा आपातकाल की घोषणा की है, व्यवसायों और सरकारी कार्यालयों को कई दिनों के लिए बंद करने का निर्देश दिया और ऊर्जा मंत्री के इस्तीफे की मांग की.