News Nation Logo

चीन ने भारत के साथ शांति, साझेदारी, समृद्धि की बात की

सीमा विवाद, इतिहास का एक मुद्दा है, जो चीन-भारत संबंधों की पूरी कहानी नहीं है. उन्होंने कहा, यह महत्वपूर्ण है कि दोनों पक्ष विवाद को ठीक से प्रबंधित करें और मुद्दे के निपटान के लिए सक्षम स्थिति बनाने का प्रयास करें.

IANS | Updated on: 07 Mar 2021, 10:23:10 PM
India  China military level talks end on positive trajectory

चीन ने भारत के साथ शांति, साझेदारी, समृद्धि की बात की (Photo Credit: IANS)

नई दिल्ली :

चीन ने रविवार को भारत के साथ शांति, साझेदारी और समृद्धि की बात करते हुए जोर दिया कि वह नई दिल्ली के साथ सीमा विवाद को बातचीत और परामर्श के माध्यम से निपटाने के लिए प्रतिबद्ध है. पिछले महीने लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास दोनों देशों की सेनाओं के हटने के बाद, नई दिल्ली ने एक सप्ताह पहले बीजिंग को चेतावनी दी थी कि शेष सीमा मुद्दों को लंबा खिंचना दोनों पक्षों के हित में नहीं है. चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने रविवार को अपनी वार्षिक प्रेस बैठक में कहा कि पिछले साल सीमा क्षेत्र में जो कुछ भी हुआ, उसका सही और गलत अर्थ स्पष्ट है. उन्होंने कहा, "यह फिर से साबित करता है कि टकराव शुरू करने से समस्या हल नहीं होगी. शांतिपूर्ण बातचीत पर लौटना ही सही रास्ता है."

यह भी पढ़ें : कर्नाटक मुख्यमंत्री येदियुरप्पा सोमवार को बजट पेश करेंगे

उन्होंने कहा कि चीन की स्थिति बहुत स्पष्ट है. उन्होंने कहा, "हम बातचीत और परामर्श के जरिए सीमा विवाद को निपटाने के लिए प्रतिबद्ध हैं." विदेश मंत्री ने कहा, "चीन और भारत एक-दूसरे के मित्र और साझेदार हैं, प्रतिद्वंद्वी नहीं हैं. दोनों को एक-दूसरे को नीचा दिखाने के बजाय एक-दूसरे की मदद करने की आवश्यकता है. हमें एक-दूसरे पर संदेह करने के बजाय सहयोग तेज करना चाहिए."

यह भी पढ़ें : ममता ने एलपीजी मूल्य वृद्धि के खिलाफ सिलीगुड़ी में मार्च निकाला

सीमा विवाद, इतिहास का एक मुद्दा है, जो चीन-भारत संबंधों की पूरी कहानी नहीं है. उन्होंने कहा, "यह महत्वपूर्ण है कि दोनों पक्ष विवाद को ठीक से प्रबंधित करें और मुद्दे के निपटान के लिए सक्षम स्थिति बनाने का प्रयास करें." पैंगोंग सो क्षेत्र में एलएसी के पास विवाद के बाद, गोगरा-हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र, देमचोक और देपसांग मैदानों में अन्य विवादों पर कोई प्रगति नहीं हुई है.

यह भी पढ़ें : बंगाल के भाग्य का फैसला 'बम, गोलियों' से नहीं हो सकता : गंभीर

हालांकि, रविवार को, वांग ने कहा कि यह दोनों पक्षों पर है किमौजूदा सहमति को मजबूत किया जाए, संवाद और संचार को मजबूत किया जाए और सीमा क्षेत्रों में शांति लिए विभिन्न प्रबंधन तंत्र में सुधार किया जाए.

उन्होंने कहा, "आगे आने वाले वर्ष में, बीजिंग उम्मीद करता है कि दोनों देशों के नेताओं के बीच महत्वपूर्ण आम समझ विकसित होगी और दोनों देश यह समझेंगे कि चीन और भारत एक दूसरे के लिए खतरा नहीं हैं, बल्कि एक दूसरे के लिए विकास के अवसर हैं." चीन के विदेश मंत्री ने कहा कि शी जिनपिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन और भारत के लोगों के लिए अधिक से अधिक लाभा पहुंचा सकते हैं.

LIVE TV NN

NS

NS

First Published : 07 Mar 2021, 10:10:51 PM

For all the Latest World News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.