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अशरफ गनी अफगानिस्तान से 4 कारों और नकदी से भरा हेलीकॉप्टर लेकर भागे

अशरफ गनी चार कारों और नकदी से भरा एक हेलीकॉप्टर लेकर देश से भाग गए हैं और उन्हें कुछ पैसे वहीं पर छोड़ने पड़े, क्योंकि यह फिट नहीं हो रहे थे.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 17 Aug 2021, 08:47:08 AM
Ashraf Ghani

अशरफ गनी के भागने पर हो रही निंदा. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • रूसी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा काफी पैसा गिर भी गिया
  • ताजिकिस्तान अमेरिका में शरण ले सकते हैं अशरफ गनी

काबुल:

काबुल में रूसी दूतावास ने कहा है कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी चार कारों और नकदी से भरा एक हेलीकॉप्टर लेकर देश से भाग गए हैं और उन्हें कुछ पैसे वहीं पर छोड़ने पड़े, क्योंकि यह फिट नहीं हो रहे थे. आरआईए समाचार एजेंसी ने रूसी दूतावास के हवाले से यह जानकारी दी. काबुल स्थित रूसी दूतावास में प्रवक्ता निकिता इशचेंको ने आरआईए के हवाले से कहा चार कारें पैसे से भरी थीं. उन्होंने पैसे के दूसरे हिस्से को हेलीकॉप्टर में भरने की कोशिश की, लेकिन यह सब फिट नहीं हो सका. इसलिए उनमें से कुछ पैसा तो टरमैक पर पड़ा रह गया था.

गनी की हो रही निंदा
अल जजीरा ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि निकिता इशचेंको ने अपनी जानकारी के स्रोत के रूप में गवाहों का हवाला देते हुए एक वैश्विक न्यूज वायर पर अपनी टिप्पणियों की पुष्टि की है. अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री बिस्मिल्लाह मोहम्मदी ने एक ट्वीट में, गनी और उनके सहयोगियों के लिए एक स्पष्ट संदर्भ में कहा कि उन्होंने हमारे हाथों को हमारी पीठ के पीछे बांध दिया और मातृभूमि को बेच दिया, अमीर आदमी और उसके गिरोह को., धिक्कार है.

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20 साल बाद तालिबान की वापसी
अफगानिस्तान के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय सुलह के लिए उच्च परिषद के प्रमुख अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने एक वीडियो क्लिप में कहा है कि गनी ने अफगानिस्तान छोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि गनी ने अफगानिस्तान के लोगों को संकट और दुख में छोड़ दिया है और उन्हें राष्ट्र द्वारा आंका जाएगा. वीओए ने बताया कि गनी, अपने उपाध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ, रविवार को देश से बाहर चले गए और इस प्रकार से उन्होंने तालिबान विद्रोहियों के लिए अफगानिस्तान में सत्ता हासिल करने के लिए मंच तैयार कर दिया है. 20 साल पहले अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य आक्रमण ने उन्हें हटा दिया, जिसके बाद उन्हें एक बार फिर से सत्ता में आने का मौका मिल गया है.

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अफगान उपराष्ट्रपति जरूर खा रहे तालिबान से लड़ने की कसम
काबुल में गनी या उसके संकटग्रस्त प्रशासन की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई है. शनिवार को एक रिकॉर्ड किए गए संदेश में गनी ने राष्ट्र को बताया था कि वह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों दिग्गजों के साथ उस स्थिति पर परामर्श कर रहे हैं. अफगान उपराष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे गनी और अन्य लोगों के साथ ही देश छोड़कर निकल चुके हैं, ने एक ट्वीट में तालिबान के सामने नहीं झुकने की कसम खाई, लेकिन उन्होंने संदेश में उनके देश छोड़ने की खबरों का जवाब नहीं दिया.

First Published : 17 Aug 2021, 08:47:08 AM

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