NASA के रिसर्च प्‍लेन की इमरजेंसी लैंडिंग, एयरपोर्ट के रनवे पर विमान के पिछले हिस्से में लगी आग

NASA Research Plane Emergency Landing: NASA के WB-57 रिसर्च प्‍लेन ने ह्यूस्टन के एलिंगटन एयरपोर्ट पर तकनीकी खराबी के कारण बिना लैंडिंग गियर के इमरजेंसी लैंडिंग की. लैंडिंग के दौरान रनवे से रगड़ खाकर प्‍लेन के पिछले भाग में आग लग गई.

NASA Research Plane Emergency Landing: NASA के WB-57 रिसर्च प्‍लेन ने ह्यूस्टन के एलिंगटन एयरपोर्ट पर तकनीकी खराबी के कारण बिना लैंडिंग गियर के इमरजेंसी लैंडिंग की. लैंडिंग के दौरान रनवे से रगड़ खाकर प्‍लेन के पिछले भाग में आग लग गई.

author-image
Mohit Saxena
New Update
nasa

NASA Research Plane Emergency Landing: अमेरिका के ह्यूस्टन शहर में एलिंगटन एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा टल गया. मंगलवार की सुबह NASA का एक रिसर्च प्‍लेन को बिना लैंडिंग गियर के इमरजेंसी ‘बेली लैंडिंग’ करानी पड़ी है. इस बीच विमान रनवे पर फिसलता हुआ आगे बढ़ा. रनवे से रगड़ के कारण विमान के पिछले भाग में आग लग गई. हालांकि, इस दौरान किसी क्रू मेंमबर को चोट नहीं आई है. 

Advertisment

रिपोर्ट की मानें तो प्लेन में तकनीकी खराबी आने के कारण पायलट को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी.  लैंडिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. विमान के पहिए लैंडिंग के दौरान बाहर नहीं निकल पाए. विमान सीधे अपने बैली (निचले हिस्से) के सहारे रनवे पर उतर गया. विमान काफी दूर तक फिसलता रहा और फिर जाकर रुका.

नासा ने पोस्ट शेयर किया 

नासा ने X पर पोस्ट शेयर करते हुए जानकारी दी कि विमान में तकनीकी खराबी सामने आई थी. इसके कारण विमान का लैंडिंग गियर खुल नहीं पाया. विमान को एयरपोर्ट पर बेली लैंडिंग करानी पड़ी. इस बीच विमान रनवे पर फिसलता हुआ देखा गया. इस मामले में नासा ने जांच के आदेश दिए हैं. इस घटना में अभी तक किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है. 

नासा का WB-57 प्लेन

दुर्घटनाग्रस्त विमान नासा का WB-57 विमान था. ये विमान अपने लंबे और पतले आकार के लिए जाना जाता है. यह दो सीटों वाला जेट विमान है. यह 63,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर करीब साढ़े छह घंटे की उड़ान भरने में सक्षम है. नासा वैज्ञानिक और वायुमंडलीय मिशन को लेकर इस विमान का उपयोग किया जाता है. 

ये भी पढ़ें:India-EU Deal: अमेरिकी मीडिया ने बताई क्यों हुई इंडिया-ईयू डील, समझौते की दुनिया भर में हो रही है चर्चा

NASA
Advertisment