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mount everest news Photograph: (SORA)
Mount Everest: दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर लगातार बढ़ती भीड़ और हादसों को देखते हुए नेपाल सरकार ने अहम कदम उठाने का फैसला किया है. यहां की सरकार अब ऐसा नया कानून ला रही है, जिसके तहत केवल वही पर्वतारोही एवरेस्ट पर चढ़ाई कर सकेंगे, जिन्होंने पहले कम से कम 7,000 मीटर ऊंचे किसी पर्वत पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की हो. बता दें कि इस सख्त नियम का लक्ष्य अनुभवहीन लोगों और केवल सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर रोक लगाना है.
बढ़ता सोशल मीडिया का क्रेज बन रहा जानलेवा!
दरअसल, नेपाल सरकार का मानना है कि पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि प्राप्त करने के लिए और खुद को पॉपुलर करने के लिए लोग बिना एक्सपीरियंस के माउंट एवरेस्ट जैसी कठिन चढ़ाई करते हैं. जबकि ये उनकी जान के लिए खतरा बन रही है और इतना ही नहीं, ऐसे कई इन्फ्लुएंसर्स हैं जो वहां सिर्फ तस्वीरों और रील्स के लिए जाते हैं. माउंट एवरेस्ट पर बीते कुछ समय से गंदगी और कुड़ा भी ज्यादा हो गया है और पहाड़ों पर दबाव बढ़ गया है जिसका एक कारण अनुभवहीन लोगों का चढ़ाई पर जाना. कुछ समय से टूरिस्टों के साथ हादसे होने की घटनाएं भी काफी बढ़ गई है.
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आंकड़ों में दिखा खुला सच
पिछले कुछ वर्षों में एवरेस्ट पर 'एक्सट्रीम टूरिज्म' तेजी से बढ़ा है. कई लोग बिना पर्याप्त प्रशिक्षण और ऊंचाई के अनुभव के सीधे 8,848 मीटर ऊंची इस चोटी को फतह करने निकल पड़ते हैं. इसका नतीजा यह हुआ कि पर्वत पर लंबी कतारें, ऑक्सीजन की कमी, खराब मौसम में फंसना और मौतों की संख्या में बढ़ोतरी जैसी घटनाएं सामने आईं. 2019 और उसके बाद के सीजन में एवरेस्ट की तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें सैकड़ों पर्वतारोही शिखर के पास लाइन में खड़े दिखाई दिए. इससे सुरक्षा और पर्यावर, दोनों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
क्या है नेपाल सरकार की शर्ते?
नेपाल सरकार का मानना है कि जो लोग पहले किसी पर्वत पर 7000 मीटर की चढ़ाई कर चुके हैं सिर्फ वहीं माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई के लिए जा सकेंगे. ये अनिवार्य शर्त है, जिससे केवल प्रशिक्षित और अनुभवी पर्वतारोही ही परमिट प्राप्त कर सकेंगे. इससे रेस्क्यू ऑपरेशन की जरूरत कम होगी और जान-माल का नुकसान भी कम होगा. नए नियमों में परमिट जारी करने से पहले सख्त दस्तावेजी जांच, पूर्व अभियान का प्रमाण और मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट देना भी अनिवार्य होगा.
पर्यावरण को भी साफ रखना जरूरी
इसके अलावा, अनिवार्य बीमा कवर भी जरूरी होगा, ताकि किसी दुर्घटना की स्थिति में बचाव कार्य और मुआवजे की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके. नेपाल सरकार पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी सख्ती दिखा रही है. पर्वतारोहियों को कचरा वापस लाने, मानव अपशिष्ट प्रबंधन और निर्धारित मार्गों का पालन करने जैसे नियमों का पालन करना होगा. अगर इन अनिवार्य नियमों का उल्लंघन किया गया तो उन्हें भारी जुर्माना और भविष्य में चढ़ाई करने पर प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है. माना जा रहा है कि ये नई शर्ते अगले तीन महीनों के अंदर लागू हो सकते हैं.
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