Ground Report: आसमान से बरसती मिसाइलें और बजते सायरन, इजराइल में महायुद्ध के बीच न्यूज नेशन की जांबाज रिपोर्टिंग

मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य टकराव लगातार गंभीर होता जा रहा है. तेल अवीव में मिसाइल हमलों के बीच सायरन बजने से लोगों में दहशत फैल गई. लाइव रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों ने भी बम शेल्टर में शरण ली. युद्ध ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है.

मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य टकराव लगातार गंभीर होता जा रहा है. तेल अवीव में मिसाइल हमलों के बीच सायरन बजने से लोगों में दहशत फैल गई. लाइव रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों ने भी बम शेल्टर में शरण ली. युद्ध ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है.

Madhurendra Kumar & Ravi Prashant
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मिडिल ईस्ट युद्ध Photograph: (NN)

इस वक्त पूरी दुनिया की नजरें मिडिल ईस्ट पर टिकी हुई हैं. अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जंग थमता नहीं दिख रहा है. हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं और ऐसा लग रहा है कि यह लड़ाई अब एक बड़े युद्ध का रूप ले चुकी है. इजराइल लगातार ईरान के अलग-अलग ठिकानों पर मिसाइलें दाग रहा है, तो वहीं ईरान भी चुप नहीं बैठा है. ईरान की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई में लगातार मिसाइलें छोड़ी जा रही हैं. आसमान से बरसती इन मिसाइलों ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है. पिछले एक हफ्ते से चल रही इस जंग ने लाखों लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है.

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तेल अवीव की गलियों से लाइव रिपोर्ट

जब जंग छिड़ती है, तो सबसे ज्यादा असर वहां रहने वाले आम लोगों पर पड़ता है. इस वक्त इजराइल का शहर तेल अवीव जंग का मुख्य केंद्र बना हुआ है. न्यूज़ नेशन के सीनियर रिपोर्टर मधुरेंद्र कुमार खुद इस वक्त तेल अवीव में मौजूद हैं. वह वहां की सड़कों और गलियों से पल-पल की जानकारी दे रहे हैं. शुक्रवार को उन्होंने जो कुछ भी अपनी आंखों से देखा और उनके कैमरे में जो तस्वीरें कैद हुईं, वे रूह कपा देने वाली हैं. उन्होंने दिखाया कि कैसे एक हंसता-खेलता शहर अचानक से युद्ध के मैदान में बदल गया है और लोग डर के साये में जीने को मजबूर हैं.

जब अचानक गूंजने लगा खतरे का सायरन

शुक्रवार की सुबह तेल अवीव के लोगों के लिए किसी डरावने सपने जैसी थी. मधुरेंद्र कुमार जब लाइव रिपोर्टिंग कर रहे थे, तभी अचानक पूरे शहर में जोर-जोर से सायरन बजने लगे. यह सायरन इस बात का संकेत था कि दुश्मन की मिसाइलें शहर की तरफ बढ़ रही हैं. सायरन की आवाज सुनते ही सड़कों पर अफरा-तफरी मच गई. लोग अपना सारा काम-काज छोड़कर सुरक्षित जगहों की तलाश में भागने लगे. यह नजारा इतना डरावना था कि देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि वहां के लोग किस कदर खौफ में हैं. सायरन की वो गूँज अब वहां के लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन गई है.

जान बचाने के लिए बम शेल्टर की ओर दौड़

जैसे ही सायरन बजा, मधुरेंद्र कुमार के कैमरे ने वो तस्वीरें दिखाईं जो युद्ध की हकीकत बयां करती हैं. बच्चे, बूढ़े और महिलाएं, सब के सब अपनी जान बचाने के लिए 'बम शेल्टर' की तरफ भाग रहे थे. वहां हर इमारत और सार्वजनिक जगहों पर खास तरह के शेल्टर बनाए गए हैं, जो मिसाइल हमलों से सुरक्षा देते हैं. लोग बिना पीछे मुड़े सिर्फ इन शेल्टरों के अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे. कुछ ही सेकंडों में पूरी सड़कें खाली हो गईं और लोग जमीन के नीचे बने इन कमरों में दुबक गए. यह दिखाता है कि युद्ध में एक-एक सेकंड की कीमत कितनी ज्यादा होती है.

आसमान में मिसाइलों की खतरनाक भिड़ंत

जब ईरान की तरफ से मिसाइलें आती हैं, तो इजराइल का 'एयर डिफेंस सिस्टम' तुरंत एक्टिव हो जाता है. मधुरेंद्र कुमार ने अपने कैमरे में वो मंजर भी कैद किया, जब आसमान में मिसाइलें एक-दूसरे से टकरा रही थीं. जैसे ही ईरान की कोई मिसाइल इजराइल की सीमा में घुसने की कोशिश करती है, एयर डिफेंस सिस्टम उसे हवा में ही मार गिराता है. आसमान में धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही थीं और रोशनी के गोले दिखाई दे रहे थे. यह किसी आतिशबाजी जैसा लग रहा था, लेकिन हकीकत में यह मौत का खेल था जो हवा में खेला जा रहा था.

रिपोर्टिंग के बीच जब खुद पर आई मुसीबत

लाइव रिपोर्टिंग करना कोई आसान काम नहीं होता, खासकर तब जब चारों तरफ बम बरस रहे हों. मधुरेंद्र कुमार जब वहां के हालात दिखा रहे थे, तभी अचानक हमला तेज हो गया. एक पल ऐसा आया जब उन्हें भी अपनी जान का खतरा महसूस हुआ. कैमरे पर लाइव रहते हुए ही उन्हें भी भागकर बम शेल्टर में शरण लेनी पड़ी. उन्होंने दिखाया कि कैसे एक रिपोर्टर को अपनी ड्यूटी निभाने के साथ-साथ अपनी जान की रक्षा भी करनी पड़ती है. जैसे ही ईरान का बम पास आया, उन्होंने तुरंत भागकर खुद को सुरक्षित किया. यह पल बेहद तनावपूर्ण था, जिसे दर्शकों ने लाइव देखा.

एक हफ्ते से जारी है तबाही का मंजर

बता दें कि मिडिल ईस्ट में यह जंग अब करीब एक हफ्ते से जारी है. इस दौरान ईरान पर अमेरिका और इजराइल ने मिलकर कई हमले किए हैं. इजराइल का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए यह सब कर रहा है, जबकि ईरान इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बता रहा है. पिछले सात दिनों में न जाने कितनी मिसाइलें दागी जा चुकी हैं और कितना नुकसान हो चुका है. दोनों तरफ से हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. इस जंग ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और शांति को खतरे में डाल दिया है.

अमेरिका और इजराइल की जुगलबंदी

इस पूरे मामले में अमेरिका खुलकर इजराइल के साथ खड़ा नजर आ रहा है. अमेरिकी सेना और इजराइली डिफेंस फोर्स मिलकर ईरान के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं. अमेरिका का कहना है कि वह अपने दोस्त इजराइल की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है. वहीं ईरान का आरोप है कि अमेरिका इस जंग को और भड़का रहा है. इन बड़े देशों की आपसी लड़ाई में आम जनता पिस रही है. हथियारों की इस होड़ ने मिडिल ईस्ट को बारूद के ढेर पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहां एक छोटी सी चिंगारी भी बड़ी तबाही ला सकती है.

युद्ध के बीच आम जनजीवन अस्त-व्यस्त

जंग की वजह से तेल अवीव और ईरान के कई हिस्सों में आम जनजीवन पूरी तरह से ठप हो गया है. स्कूल, कॉलेज और बाजार बंद हैं. लोग घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं. खाने-पीने की चीजों की किल्लत होने लगी है. अस्पतालों में घायलों की संख्या बढ़ती जा रही है. लोग बस इस इंतजार में हैं कि कब यह सायरन बजना बंद होगा और कब वे चैन की सांस ले पाएंगे. मधुरेंद्र कुमार ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि वहां के लोग अब शांति चाहते हैं, क्योंकि युद्ध में जीत किसी की भी हो, हार हमेशा इंसानियत की ही होती है.

आगे क्या होगा?

फिलहाल हालात देखकर ऐसा नहीं लग रहा कि यह जंग जल्द खत्म होगी. दोनों ही पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर हमले नहीं रुके, तो वह और भी खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल करेगा. वहीं इजराइल और अमेरिका भी अपने रुख पर अड़े हुए हैं. पूरी दुनिया इस वक्त डरी हुई है कि कहीं यह जंग तीसरे विश्व युद्ध में न बदल जाए. फिलहाल, मधुरेंद्र कुमार जैसे जांबाज रिपोर्टर अपनी जान हथेली पर रखकर वहां की हकीकत दुनिया के सामने ला रहे हैं ताकि हमें पता चल सके कि युद्ध की कीमत क्या होती है.

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