'वाशिंगटन से परमाणु समझौता करना तेहरान के लिए अच्छा', अमेरिका ने फिर दी ईरान को धमकी; जानें क्या बोलीं लैविट

US-Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार को जिनेवा में हुई परमाणु वार्ता में कोई समझौता नहीं हो पाया. इसके बाद अमेरिका ने एक बार फिर से ईरान को धमकी दी कि उसका परमाणु समझौता कर लेना ही उसकी बुद्धिमानी है.

US-Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार को जिनेवा में हुई परमाणु वार्ता में कोई समझौता नहीं हो पाया. इसके बाद अमेरिका ने एक बार फिर से ईरान को धमकी दी कि उसका परमाणु समझौता कर लेना ही उसकी बुद्धिमानी है.

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Suhel Khan
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Karoline Leavitt

कैरोलिन लेविट, प्रेस सचिव, व्हाइट हाउस Photograph: (White House)

US-Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच अभी भी तनाव बना हुआ है. दोनों देशों के बीच बीते मंगलवार (17 फरवरी) को परमाणु समझौते को लेकर जिनेवा में बातचीत हुई, लेकिन इस बातचीत में भी कोई ठोस समाधान नहीं निकला. इसके बाद व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट का बयान समाने आया. उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा कि अमेरिका के साथ ईरान का परमाणु समझौता कर लेना उसके लिए बुद्धिमानी की बात होगी.

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जानें ईरान को लेकर क्या बोली कैरोलिन लेविट?

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने बुधवार (स्थानीय समय) को कहा कि परमाणु समझौते को लेकर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर विचार करने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए कूटनीति पहला विकल्प है. उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के लिए अमेरिका के साथ समझौता करना बुद्धिमानी होगी.

समझौता ना होने पर क्या कदम उठाएगा अमेरिका?

समझौता न होने की सूरत में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर लेविट ने कहा कि, "ईरान पर हमला करने के पक्ष में तर्क दिए जा सकते हैं. राष्ट्रपति ने कमांडर-इन-चीफ के रूप में ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत एक सफल अभियान चलाया था, जिसमें ईरान की परमाणु सुविधाओं को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया था. राष्ट्रपति हमेशा से स्पष्ट रहे हैं कि ईरान या किसी भी अन्य देश के साथ, कूटनीति पहला विकल्प है, और ईरान के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के साथ समझौता करना बुद्धिमानी होगी."

इजरायल से बात कर रही अमेरिका सेनाएं- लेविट

लेविट ने आगे कहा कि, 'राष्ट्रपति ट्रंप कई लोगों से बात कर रहे हैं, सबसे पहले अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से. राष्ट्रपति इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और अमेरिका और उसके लोगों के हित को ध्यान में रख रहे हैं. इसी आधार पर वे सैन्य कार्रवाई का फैसला करेंगे.' यही नहीं लेविट ने यह भी संकेत दिया कि, अमेरिकी सेनाएं इजरायल के साथ बातचीत कर रही हैं. हालांकि उन्होंने किसी सैन्य कार्रवाई की पुष्टि नहीं की.

'ईरान के साथ वार्ता में हुई प्रगति'

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता लेविट ने ये भी कहा कि, ईरानी अधिकारियों के साथ जिनेवा वार्ता में प्रगति हुई है, लेकिन कुछ मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद हैं. उन्होंने कहा कि, "थोड़ी प्रगति हुई है, लेकिन कुछ मुद्दों पर अभी भी हमारे बीच मतभेद हैं. हमें उम्मीद है कि ईरानी अगले कुछ हफ्तों में विस्तृत जानकारी देंगे. राष्ट्रपति इस मामले की प्रगति पर नजर रखेंगे."

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