'खामेनेई घातक हथियारों को भूमिगत कर रहे थे', ईरान पर हमले को लेकर इजरायल के PM नेतान्याहू का बड़ा दावा

इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतान्याहू ने ईरान पर हमले को लेकर गिनाए कई कारण. उन्होंने सोशल मीडिया पर ईरानी हवाई क्षेत्र पर पूरी तरह से काबू पाने का दावा किया है.

इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतान्याहू ने ईरान पर हमले को लेकर गिनाए कई कारण. उन्होंने सोशल मीडिया पर ईरानी हवाई क्षेत्र पर पूरी तरह से काबू पाने का दावा किया है.

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Mohit Saxena
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PM Benjamin Netanyahu

इजराइली पीएम बेंजामिन न्येतनाहू

अमेरिका-इजरायल के बीच 28 फरवरी से युद्ध जारी है. इस बीच दोनों पक्षों की ओर से भारी तबाही की खबरें आ रही हैं. बताया जा रहा है कि युद्ध में अब एक हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं सैंकड़ों लोग घायल हो गए. इस दौरान इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि ईरान हवाई क्षेत्र पर पूरी तरह से काबू पा लिया ​गया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर हिब्रू भाषा में एक वीडियो संदेश दिया है. इसमें संयुक्त अभियानों की सफलता की जानकारी दी. उन्होंने कहा, "हमने तेहरान के आसामान पर करीब-करीब पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया है." 

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जोखिम उठाने की आवश्यकता थी: नेतन्याहू 

नेतन्याहू ने कहा कि यह संयुक्त अभियान अंतरराष्ट्रीय समुदाय को होने वाले खतरे की गंभीरता को समझते हुए चलाया गया था. इस दौरान उन्होंने 2023 में इजरायल पर हमास के हमले का सीधा संदर्भ भी दिया. नेतन्याहू ने कहा कि वर्तमान आक्रमण उनके प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य था. हमने इजराइल को एक क्षेत्रीय शक्ति के रूप में स्थापित कर दिया है. इसके लिए साहस, पहल और जोखिम उठाने की आवश्यकता थी. उन्होंने कहा कि 2023 में हमास की अगुवाई में हुए सात अक्टूबर के नरसंहार के बाद उनकी सरकार का लक्ष्य था कि मिडिल ईस्ट में शक्ति संतुलन को संभालना था. 

शक्ति संतुलन को नाटकीय रूप से बदला

नेतन्याहू ने कहा,' जैसा की उन्होंने सात अक्टूबर के दो दिन बाद वादा किया था कि हम मध्य पूर्व का चेहरा बदल रहे हैं, मगर हमने सिर्फ मध्य पूर्व को ही नहीं बदला. सबसे पहले हमने खुद को बदला है. 7 अक्टूबर की भीषण आपदा बाद मैंने एक ध्रुवीय बदलाव की अगुवाई का निर्णय लिया. एक के बाद एक शक्तिशाली कार्रवाई, सक्रिय और आश्चर्यजनक कार्रवाई की. ऐसी कार्रवाई जो हमारे और हमारे दुश्मनों के बीच शक्ति संतुलन को नाटकीय रूप से बदल देती है.' 

खतरे को दूर करने की प्राथमिकता थी

नेतन्याहू ने चेताया कि इजराइल ईरानी शासन से एक गंभीर और तत्काल खतरे का सामना कर रहा है. इसने इजराइल और अन्य देशों पर हमला करने को लेकर अपनी सैन्य क्षमताओं का विस्तार करने का प्रयास किया है. नेतन्याहू के अनुसार, 'हम एक अत्यंत  दुष्ट शासन का सामना कर रहे हैं, ये परमाणु बमों और हजारों मिसाइलों से हमें नष्ट करने की साजिश रच रहा है.” अमेरिकी समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए, पीएम ने मिशन के दौरान अपने मजबूत नेतृत्व के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा, 'मैं अपने मित्र राष्ट्रपति ट्रंप को उनके द्वारा दिखाए जा रहे नेतृत्व को लेकर आभार व्यक्त करना चाहता हूं.' इसे लेकर संयुक्त प्रयास, जिसे 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' नाम दिया गया है. इजरायल के लिए तत्काल खतरे को दूर करने की प्राथमिकता थी. 

सैन्य संपत्तियों को किलेबंद करने की थी तैयारी 

नेतन्याहू ने कहा, 'ऑपरेशन राइजिंग लायन में, हमने इजरायल से तत्काल खतरे को दूर करने के लिए संयुक्त प्रयास किए है. उनका दावा है कि दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने ईरान की सैन्य संपत्तियों को किलेबंद स्थानों में स्थानांतरित करके उनकी सुरक्षा करने का प्रयास किया था. खामेनेई ने इन क्षमताओं को बहाल करने और उन्हें भूमिगत दफनाने का आदेश दिया ताकि यह सुरक्षित रहें, अगर ऐसा हुआ होता, तो वह इसका इस्तेमाल इजराइल को नष्ट करने के साथ पूरी दुनिया को धमकाने के लिए कर सकते थे.' नेतन्याहू ने खुलासा किया कि संयुक्त हस्तक्षेप इन योजनाओं को विफल करने और अमेरिकी और इजरायल हितों के लिए जरूरी थे. इसे दूरदर्शिता ही माना जाएगा. संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल ने इन खतरों को विफल करने और ईरानी लोगों  को अपना भाग्य अपने हाथों में लेने का अधिकार के लिए मिलकर कार्रवाई की.'

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