तीन महीने पहले ही खामेनेई की हत्या की साजिश रच चुका था इजरायल, एक इंटरव्यू में देरी की वजह सामने आई

US-Israel Attack Iran: इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया है कि नवंबर 2025 में पीएम  नेतन्याहू के साथ बैठक में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मारने की साजिश रची जा चुकी थी.

US-Israel Attack Iran: इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया है कि नवंबर 2025 में पीएम  नेतन्याहू के साथ बैठक में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मारने की साजिश रची जा चुकी थी.

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Mohit Saxena
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US-Israel Attack Iran:  इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने शुक्रवार को दिए एक इंटरव्यू में बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या की साजिश काफी पहले रचि जा चुकी थी. बीते साल ही नवंबर में ही अयातुल्ला अली खामेनेई को मारने की तैयारी हो चुकी थी. इसका निर्णय इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक खास बैठक में लिया गया था. 

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पहले ऐसा प्लान था कि इस योजना को 2026 के मध्य में अंजाम दिया जाएगा. मगर हालात काफी तेजी से बदले. इसके बाद अमेरिका और इजरायल ने मिलकर यह फैसला लिया कि फरवरी के अंत में ही हमला शुरू कर दिया जाए. इस हमले के कुछ ही घंटों में खामेनेई की हत्या कर दी गई. यह दुनिया के इतिहास में किसी देश के सबसे बड़े नेता को हवाई हमले से मरने वाला पहला मामला है. अब तक इस कार्रवाई में ईरान में भारी तबाही हुई है. 

नवंबर 2025 में हुई बैठक में क्या हुआ  

रक्षा मंत्री काट्ज ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि नवंबर 2025 में प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने एक छोटे समूह के साथ बैठक की थी. इसमें सिर्फ खास लोग ही थे. उस बैठक में नेतन्याहू ने साफ कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को खत्म करना हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य है. 

उस वक्त योजना तैयार की गई कि यह ऑपरेशन मध्य 2026 में किया जाएगा. क्योंकि इजरायल को ऐसा लगता था कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल के लिए बड़ा खतरा हैं. इजरायल का यह मानना है कि ईरान हथियार तैयार कर रहा है जो इजरायल को पूरी तरह से नष्ट कर सकता है. ऐसे में खतरे को जड़ से खत्म करने का निर्णय लिया गया. 

जनवरी 2026 में इ​सलिए योजना बदली  

काट्ज ने बताया कि दिसंबर के बाद जनवरी 2026 में ईरान में बड़े-बड़े विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. ईरान के लोग अपने नेता और सरकार के खिलाफ सड़कों पर थे. इस दौरान इजरायल को इस बात का डर था कि दबाव झेल रहा शासक किसी भी वक्त इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर बड़ा अटैक कर सकता है. इसके बाद योजना को काफी तेज किया गया. इजरायल ने पूरे प्लान को अमेरिका से शेयर किया. दोनों देशों पर इस पर मिलकर तैयारी की. रक्षा मंत्री ने कहा कि हम यह नहीं चाहते थे कि ईरान हम पर पहले ही हमला कर दे. 

दफ्तर पर हमला करके ढेर कर दिया गया

आपको बता दें कि 28 फरवरी 2026 को शनिवार के दिन अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर बड़ा हवाई हमला किया. पहले ही कुछ घंटों में खामेनेई को उनके घर और दफ्तर पर हमला करके ढेर कर दिया गया. हमला काफी सटीक था. इसमें ईरान के कई बड़े सैन्य नेताओं को मार गिराया गया. बताया जा रहा है कि अब तक इन हमलों में एक हजार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं. वहीं इजरायल ने अब तक 5 हजार बम ईरान पर गिराए हैं. अभी तक तबाही की साफ तस्वीरें सामने नहीं आई हैं. मगर मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि मरने वालों का आंकड़ा काफी ज्यादा हो सकता है. 

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Ali khamenei Us Iran Tension US-Israel Attack Iran
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