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US-Israel Attack Iran: UAE के बड़े उद्योगपतियों में माने जाने वाले अरबपति खलफ़ अहमद अल हब्तूर (Khalaf Ahmad Al Habtoor) ने अमेरिकी राष्ट्रपति को आइना दिखाया है. उन्होंने एक ओपन लेटर लिखकर जंग को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने ट्रंप के फैसले को पूरी तरह से गलत करार दिया है.
अल हब्तूर ग्रुप के अमीराती अरबपति फ़ाउंडर ने पूछा, 'आपने हमारे इलाके को जंग में क्यों घसीटा, इसका अधिकार किसने दिया? आपने किस आधार पर यह फैसला लिया?' हब्तूर ने सवाल उठाते हुए कहा, 'क्या आपने ट्रिगर खींचने से पहले किसी से पूछा था. आपने नुकसान का हिसाब लगाया था? और क्या सोचा था कि इससे विश्व के किन देशों को नुकसान होगा?'
ट्रंप से हब्तूर किए कई सवाल
सबसे पहले उन्होंने ट्रंप से पूछा कि यह क्या आपका निर्णय था या नेतन्याहू का दबाव था? इस निर्णय को लेकर आपने क्या हिसाब लगाया था कि इस युद्ध से कितना नुकसान होगा. आपने GCC देशों को उस खतरे के बीच में रखा, जिसे उन्होंने बिल्कुल नहीं चुना था. आपके 'बोर्ड ऑफ़ पीस' इनिशिएटिव को गल्फ देशों ने फंड किया था. अब हम पर भी हमले हो रहे हैं. वह पैसा कहां गया? अहमद अल हब्तूर ने पूछा कि इससे पहले आपने वादा किया था कि कोई जंग नहीं होगी. आपने 7 देशों सोमालिया, इराक, यमन, नाइजीरिया, सीरिया, ईरान और वेनेज़ुएला में ऑपरेशन किए. आपकी अप्रूवल रेटिंग 400 दिनों में 9 प्रतिशत तक हो गई. आपने अमेरिकियों से शांति का वादा करके युद्ध छेड़ दिया.
ईरान जंग का असर झेल रहे खाड़ी देश!
यह लेटर UAE की ओर से आपत्ति के तौर पर देखा जा रहा है. यह युद्ध से होने वाले नुकसान को दर्शाता है. खाड़ी देश अमेरिका की जंग की मार झेल रहे हैं. ईरान लगातार खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला कर रहा है. हब्तूर ने कहा, “इस इलाके के लोगों को यह पूछने का हक है कि क्या यह फैसला सिर्फ आपका था? या यह नेतन्याहू और उनकी सरकार के दबाव में उठाया गया कदम है?' उन्होंने ट्रंप पर आरोप लगाते हुए कहा, “आपने गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल और अरब देशों को एक बड़ी मसीबत में डाल दिया है.'
हम मजबूत हैं और अपनी रक्षा करने में पूरी तरह से सक्षम हैं: हब्तूर
अहमद अल हब्तूर ने कहा, 'शुक्र है, हम मजबूत हैं और अपनी रक्षा करने में पूरी तरह से सक्षम हैं. हमारे पास सेना और सुरक्षा है, जो हमारे देशों की रक्षा करती है. मगर सवाल यह है कि आपको हमारे इलाके को जंग के मैदान में बदलने की इजाजत किसने दी?' 'क्योंकि शांति और स्थिरता के नाम पर जिस बोर्ड ऑफ पीस पहल आपने की थी. उसकी स्याही सूखने से पहले ही हम खुद को एक ऐसी मिलिट्री बढ़त का सामना करते हुए पाए गए हैं. इस युद्ध ने पूरे इलाके को खतरे में डाल दिया है. आपका शांति के नाम पर किए वादों का क्या हुआ?'
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