ईरानी आसमान में इजरायल का खतरनाक बवंडर, F-35I 'अदिर' ने तेहरान के ऊपर गिराया दुश्मन का लड़ाकू विमान

इजरायल ने दावा किया है कि उसके स्टेल्थ फाइटर जेट F-35I ‘अदिर’ ने तेहरान के आसमान में ईरान के YAK-130 विमान को मार गिराया. इसे F-35 की पहली एयर-टू-एयर जीत बताया जा रहा है। करीब चार दशकों बाद इजरायल ने हवा में दुश्मन विमान गिराने की कामयाबी हासिल करने का दावा किया है.

इजरायल ने दावा किया है कि उसके स्टेल्थ फाइटर जेट F-35I ‘अदिर’ ने तेहरान के आसमान में ईरान के YAK-130 विमान को मार गिराया. इसे F-35 की पहली एयर-टू-एयर जीत बताया जा रहा है। करीब चार दशकों बाद इजरायल ने हवा में दुश्मन विमान गिराने की कामयाबी हासिल करने का दावा किया है.

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Ravi Prashant
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Israel F35I Adir

Israel F35I Adir Photograph: (X/@Osint613)

तेहरान के आसमान में इजरायली वायुसेना ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने सैन्य इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कर लिया है. इजरायल के सबसे घातक स्टेल्थ फाइटर जेट F-35I 'अदिर' ने ईरान के एक लड़ाकू विमान को मार गिराया है. यह न केवल इस विमान की पहली 'एयर-टू-एयर' जीत है, बल्कि इजरायल के लिए भी चार दशकों में पहली ऐसी कामयाबी है.

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आसमान में ऐतिहासिक भिड़ंत

इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने पुष्टि की है कि उनके F-35I 'अदिर' (हिब्रू में जिसका अर्थ है 'शक्तिशाली') ने ईरान की राजधानी तेहरान के ऊपर ईरानी वायुसेना के YAK-130 विमान को निशाना बनाया और उसे तबाह कर दिया.

यह घटना इसलिए भी खास है क्योंकि दुनिया के सबसे एडवांस विमानों में गिने जाने वाले F-35 स्टेल्थ फाइटर ने पहली बार किसी मानव चालित (manned) विमान को हवा में मार गिराया है. इजरायल दुनिया का पहला देश था जिसने F-35 को युद्ध के मैदान में उतारा था, और अब इसके नाम यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी जुड़ गया है.

40 साल बाद इजरायल का 'हवाई शिकार'

इजरायल के लिए यह पल बेहद गर्व और रणनीतिक बढ़त का है. आखिरी बार 24 नवंबर, 1985 को लेबनान युद्ध के दौरान इजरायली जेट ने हवा में किसी दुश्मन विमान को गिराया था. उस समय F-15 ने सीरिया के दो मिग-23 विमानों को मार गिराया था. पूरे 40 साल बाद इजरायल ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आसमान में उसकी बादशाहत को चुनौती देना कितना भारी पड़ सकता है.

'क्या है 'अदिर' की ताकत?

F-35I 'अदिर' कोई साधारण जेट नहीं है. यह अमेरिका के लॉकहीड मार्टिन F-35A का एक खास वर्जन है, जिसे इजरायल ने अपनी जरूरतों के हिसाब से तैयार करवाया है. इसमें इजरायल ने अपने खुद के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और हथियार लगाए हैं, जो इसे दुनिया के किसी भी रडार की पकड़ से दूर रखते हुए सटीक हमला करने की ताकत देते हैं.

ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' के तहत जोरदार हमले

यह हवाई हमला उस समय हुआ जब इजरायल और अमेरिका मिलकर ईरान पर 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' चला रहे हैं. तेहरान और ईरान के अन्य बड़े शहरों में इजरायल ने बड़े पैमाने पर बमबारी की है. बीती रात इजरायली सेना ने ईरान के सुरक्षा बलों और 'बसीज' (Basij) जैसे अर्धसैनिक संगठनों के कमांड सेंटरों को निशाना बनाया.

लेफ्टिनेंट कर्नल नदव शोशानी ने बताया कि इस अभियान के लिए कई हफ्तों से तैयारी चल रही थी. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि फिलहाल ईरान की धरती पर पैदल सेना (Ground Troops) भेजने का कोई इरादा नहीं है.

अमेरिका की अब तक की सबसे बड़ी तैनाती

अमेरिकी नेवी के एडमिरल ब्रैड कूपर ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि इस ऑपरेशन के तहत अब तक ईरान के 2000 ठिकानों को खत्म किया जा चुका है. राष्ट्रपति के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान की उस क्षमता को जड़ से उखाड़ने का फैसला लिया है, जो पिछले 50 सालों से क्षेत्र के लिए खतरा बनी हुई थी.

अमेरिका ने इस युद्ध में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. इस समय मध्य पूर्व में 50,000 से ज्यादा सैनिक, 200 लड़ाकू विमान, दो विमान वाहक पोत (Aircraft Carriers) और कई घातक बमवर्षक विमान तैनात हैं. इसे पिछली एक पीढ़ी में अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती माना जा रहा है.

खामनेई की विदाई और बदलती दुनिया

एक तरफ जहां इजरायल और अमेरिका के हमले जारी हैं, वहीं दूसरी तरफ तुर्की ने भी ईरान की एक मिसाइल को बीच रास्ते में ही मार गिराया है. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई के विदाई समारोह को भी टाल दिया गया है. तेहरान के आसमान में 'अदिर' की इस जीत ने ईरान को रक्षात्मक होने पर मजबूर कर दिया है.

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